संसद सुरक्षा चूक मामले में 13 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल
नई दिल्ली, भारत: संसद सुरक्षा चूक मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोपियों के खिलाफ चौथी पूरक चार्जशीट दाखिल की है। इसमें आतंकवादी गतिविधियों, आपराधिक साजिश और दंगा भड़काने से जुड़े प्रावधान लगाए गए हैं। यह मामला 13 दिसंबर 2023 को संसद में हुई सुरक्षा चूक की घटना से जुड़ा है।
करीब 13 हजार पन्नों से अधिक की इस विशाल चार्जशीट को शुक्रवार को दाखिल किया गया। इसमें सरकारी कार्य में बाधा डालने, लोक सेवक को ड्यूटी से रोकने, दंगा भड़काने, सबूत नष्ट करने, आपराधिक साजिश और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े आरोप शामिल किए गए हैं।
मामले की अगली सुनवाई 29 मई को होगी
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित बंसल ने पूरक चार्जशीट को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की अगली सुनवाई 29 मई तय की। अदालत ने आदेश दिया, “पूरक चार्जशीट-04 की हार्ड कॉपी आरोपी नीलम राणोलिया और अमोल धनराज के वकील को उपलब्ध कराई जाए। दस्तावेजों की जांच और आगे की कार्यवाही 29 मई 2026 को दोपहर 2 बजे होगी।”
पूरक चार्जशीट कुल 13,967 पन्नों की है
फिलहाल अदालत आरोप तय करने (चार्ज फ्रेमिंग) पर दलीलें सुन रही है। दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि पूरक चार्जशीट कुल 13,967 पन्नों की है। इसकी कॉपी सभी आरोपियों और उनके वकीलों को पेन ड्राइव के जरिए उपलब्ध कराई गई है।
पूरक चार्जशीट की हार्ड कॉपी भी उपलब्ध कराने का आदेश
सुनवाई के दौरान आरोपी नीलम राणोलिया और अमोल धनराज के वकील ने कहा कि जब अदालत पहले से ही आरोप तय करने पर लंबी सुनवाई कर रही है, ऐसे समय में पूरक चार्जशीट दाखिल करना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। उन्होंने मांग की कि पूरक चार्जशीट की एक हार्ड कॉपी भी उन्हें उपलब्ध कराई जाए।
IPC की कई धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल
विशेष लोक अभियोजक (SPP) की ओर से पेश वकील समृद्धि डोभाल ने अदालत को बताया कि अगली सुनवाई पर हार्ड कॉपी उपलब्ध करा दी जाएगी। चार्जशीट भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 186, 353, 153, 452, 201, 34, 120B और UAPA की धारा 13, 16 एवं 18 के तहत दाखिल की गई है। अदालत इन अपराधों का संज्ञान पहले ही ले चुकी है।