हैदराबाद, तेलंगाना: रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार ने गुरुवार को न्यूनतम वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की। साथ ही श्रमिकों को चार कौशल श्रेणियों में विभाजित करते हुए वेतन जोन की नई व्यवस्था लागू की गई है, जिससे राज्य के 1.11 करोड़ से अधिक श्रमिकों को लाभ मिलेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि यह फैसला पुरानी व्यवस्था की कमियों की समीक्षा और उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क की अध्यक्षता वाली कैबिनेट सब-कमेटी की सिफारिशों के बाद लिया गया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की प्रशासनिक लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में श्रमिकों को नुकसान उठाना पड़ा।
न्यूनतम वेतन पर राज्य सरकार ने लिया अहम फैसला
मुख्यमंत्री ने कहा, “श्रमिकों के न्यूनतम वेतन को लेकर सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। पिछली सरकार की लापरवाही के कारण 1 करोड़ 11 लाख श्रमिकों को नुकसान हुआ। इसलिए हमारी सरकार ने उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क के नेतृत्व में कैबिनेट सब-कमेटी गठित की थी। चर्चा के बाद राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया।”
Hyderabad, Telangana | Chief Minister Revanth Reddy says, "We determined the minimum wage by considering Municipal Corporations in Zone 1, Municipalities in Zone 2, and Rural Areas in Zone 3. In the Unskilled category, we have increased the minimum wage from Rs. 12,750 to Rs.… pic.twitter.com/VFsAD4qm0e
— ANI (@ANI) May 21, 2026
श्रमिकों को चार श्रेणियों में बांटा गया
मुख्यमंत्री रेड्डी ने बताया कि श्रमिकों को अब चार श्रेणियों में बांटा गया है- अकुशल (Unskilled), अर्ध-कुशल (Semi-skilled), कुशल (Skilled) और अत्यधिक कुशल (Highly Skilled)। उन्होंने कहा, “पहले दो जोन थे, लेकिन अब उन्हें तीन हिस्सों में बांटा गया है।”
मुख्यमंत्री ने नई वेतन संरचना की जानकारी देते हुए कहा कि नगर निगमों को जोन-1, नगरपालिकाओं को जोन-2 और ग्रामीण क्षेत्रों को जोन-3 में रखा गया है। इसी आधार पर न्यूनतम वेतन तय किया गया है।
नई वेतन दरों के अनुसार:
- अकुशल श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 12,750 रुपये से बढ़ाकर 16,000 रुपये किया गया।
- अर्ध-कुशल श्रमिकों का वेतन 13,152 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये किया गया।
- कुशल श्रमिकों का वेतन 13,772 रुपये से बढ़ाकर 18,500 रुपये किया गया।
- अत्यधिक कुशल श्रमिकों का वेतन 14,607 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये किया गया।
फैसले से 1 करोड़ 11 लाख श्रमिकों को होगा सीधा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले से 1 करोड़ 11 लाख श्रमिकों को सीधा फायदा होगा। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था 1 जून 2026 से लागू होगी। रेवंत रेड्डी ने कहा, “तेलंगाना सरकार की ओर से सभी श्रमिकों को बधाई।”
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