नई दिल्ली, भारत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की पांच देशों की यात्रा पूरी करने के बाद गुरुवार को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। प्रधानमंत्री की यात्रा का अंतिम पड़ाव इटली था, जहां उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ विस्तृत बातचीत की और भारत-इटली संबंधों को “विशेष रणनीतिक साझेदारी” का दर्जा दिया।
इटली दौरे के बाद एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेलोनी के साथ उनकी चर्चा कई अहम क्षेत्रों पर केंद्रित रही और इससे भारत-इटली सहयोग को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा, “इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण परिणाम भारत-इटली संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने का फैसला रहा, जो आने वाले वर्षों में हमारे सहयोग को नई ऊर्जा देगा।”
Delhi: Prime Minister Narendra Modi arrives in Delhi after concluding a five-nation visit pic.twitter.com/M3tkoyQqZ6
— IANS (@ians_india) May 21, 2026
पीएम मोदी ने विदेश यात्रा के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा की
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी का चर्चित “मेलोडी मोमेंट” भी देखने को मिला, जब पीएम मोदी ने मेलोनी को “मेलोडी” टॉफियों का पैकेट भेंट किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ पश्चिम एशिया की स्थिति और रूस-यूक्रेन संघर्ष सहित क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि दोनों देशों ने व्यापार और निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, अनुसंधान एवं नवाचार, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर सहमति जताई।
रक्षा, कनेक्टिविटी, कृषि आदि समझौतों पर हुए हस्ताक्षर
इस दौरान रक्षा, कनेक्टिविटी, कृषि, पारंपरिक चिकित्सा, शिक्षा, मोबिलिटी और महत्वपूर्ण तकनीकों जैसे क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर भी हस्ताक्षर किए गए। सिबी जॉर्ज ने कहा कि दोनों देशों ने 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।
आज शाम 5 बजे होगी मत्रिपरिषद की बैठक
इटली से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे का दौरा किया था। भारत लौटने के बाद प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार शाम 5 बजे राष्ट्रीय राजधानी स्थित सेवा तीर्थ में मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, यह बैठक सरकार के कामकाज की मध्यावधि समीक्षा के लिहाज से अहम मानी जा रही है। साथ ही पश्चिम एशिया संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव के कारण बढ़ती वैश्विक ईंधन कीमतों और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है।
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