"भय बिन होय न प्रीत": रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने क्यों दिया ये बयान, इस खबर में जानिए ...
नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में शांति और स्थिरता के लिए मजबूत deterrence (निरोधक क्षमता) अत्यंत आवश्यक है। ANI नेशनल सिक्योरिटी समिट 2.0 को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान की गई तैयारी और भारत के स्वदेशी हथियारों की विश्वसनीयता, इस निरोधक क्षमता का स्पष्ट उदाहरण हैं।
'भय बिन होय न प्रीत' का मंत्र देते हुए उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर deterrence का ठोस उदाहरण था। मैं deterrence के बारे में केवल एक पंक्ति याद दिलाना चाहता हूं—'भय बिन होय न प्रीत'। इसका अर्थ है कि बिना भय के प्रेम नहीं हो सकता। यही deterrence का सार है और यही अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भी लागू होता है।"
"ऑपरेशन सिंदूर 72 घंटे में हुआ, इसके पीछे लंबी तैयारी थी"
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भले ही 72 घंटे में पूरा हो गया, लेकिन इसके पीछे लंबी तैयारी थी। हम लंबी लड़ाई के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं। हमारी वृद्धि क्षमता, भंडारण क्षमता और स्वदेशी हथियारों की विश्वसनीयता—ये सभी हमारी deterrence क्षमता का हिस्सा हैं।
रक्षा मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के रक्षा निर्यात में 62.66% की रिकॉर्ड वृद्धि हुई और यह लगभग 39,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुनिया भर में भारत के स्वदेशी हथियारों की मांग बढ़ी है और कई देशों ने खरीद में रुचि दिखाई है।
पहलगाम आतंकी हमले का जवाब था 'ऑपरेशन सिंदूर'
7 मई 2025 को भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था, जो पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में किया गया था। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पीओजेके में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें लगभग 100 आतंकवादी मारे गए। पहलगाम हमले को याद करते हुए, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवाद को धर्म के नाम पर सही ठहराना बेहद खतरनाक है।
इसके आगे उन्होंने कहा, "जब तक आतंकवाद मौजूद है, यह शांति, विकास और समृद्धि के लिए खतरा बना रहेगा। इसे धर्म या विचारधारा के नाम पर सही ठहराना आतंकियों को संरक्षण देने जैसा है।" बदलते वैश्विक परिदृश्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यूरोप और पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध जैसी स्थितियां बनी हुई हैं।
रक्षामंत्री ने दी कड़ी चेतावनी, सतर्कता के साथ बढ़ेगा 'भारत'
रक्षामंत्री ने चेतावनी दी कि आज तकनीक, सप्लाई चेन और डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल भी देशों के बीच हथियार की तरह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया एक ऐसे दौर में है जहां 'न्यू वर्ल्ड ऑर्डर' की जगह 'नो ऑर्डर' जैसी स्थिति बन रही है। हमें तय करना होगा कि हमें व्यवस्थित विश्व चाहिए या अव्यवस्थित। भारत को सतर्कता के साथ आगे बढ़ना होगा।