Red Fort Blast: NIA का बड़ा फैसला, शाहीन सईद समेत 7 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 दिन बढ़ाई...
नई दिल्ली, भारत: दिल्ली के लाल किले में हुए धमाके के मामले में National Investigation Agency (NIA) की विशेष अदालत ने डॉ. शाहीन सईद सहित 7 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 दिनों के लिए बढ़ा दी है। पटियाला हाउस कोर्ट स्थित विशेष NIA अदालत ने डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान, डॉ. आदिल अहमद, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुजम्मिल, यासिर अहमद डार और नासिर बिलाल मल्ला की न्यायिक हिरासत को आगे बढ़ाने का आदेश दिया।
सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। विशेष NIA न्यायाधीश पीताम्बर दत्त ने सातों आरोपियों की न्यायिक हिरासत अगले 15 दिनों के लिए बढ़ा दी।
इस मामले में दो आरोपी 5 दिन की हिरासत में हैं
पिछली सुनवाई 11 मार्च को हुई थी, जिसमें NIA ने अदालत को बताया कि जम्मू-कश्मीर में अली खामेनेई के समर्थन में हुए विरोध-प्रदर्शन के कारण मामले की जांच प्रभावित हो रही है। इस मामले में दो आरोपी—तुफैल अहमद भट्ट और जमीर अहमद अहंगर—फिलहाल NIA की पांच दिन की हिरासत में हैं। अदालत पहले ही जांच की अवधि 45 दिनों के लिए बढ़ा चुकी है।
इस मामले में पहली गिरफ्तारी नवंबर 2025 में हुई थी
यह मामला 11 नवंबर 2025 को लाल किला के पास एक कार में हुए तेज धमाके से जुड़ा है। NIA ने इस मामले में पहला गिरफ्तार आरोपी आमिर राशिद मीर को 16 नवंबर 2025 को पकड़ा था। इसके बाद जासिर बिलाल वानी, मुफ्ती इरफान अहमद, डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. आदिल अहमद राठेर, डॉ. शाहीन सईद और सोयब को अलग-अलग तारीखों पर गिरफ्तार किया गया।
आतंकी संगठन अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद से जु़ड़े 2 पहले से गिरफ्तार
इससे पहले NIA ने जम्मू-कश्मीर के दो निवासियों को गिरफ्तार किया था, जिनका कथित तौर पर आतंकी संगठन अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद (Ansar Ghazwat-ul-Hind) से संबंध बताया गया है। एजेंसी के मुताबिक, इन दोनों ने मुख्य आरोपी को हथियार उपलब्ध कराए थे। NIA के अनुसार, गंदरबल के जमीर अहमद अहंगर और श्रीनगर के तुफैल अहमद भट्ट संगठन के सक्रिय ओवर-ग्राउंड वर्कर (OGW) हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 11 हो गई है।
भारत के खिलाफ गोला-बारूद जुटाने में लगे हैं आतंकी
एजेंसी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि जमीर और तुफैल न सिर्फ धमाके की साजिश में शामिल थे, बल्कि कई अन्य आतंकी साजिशों का भी हिस्सा रहे हैं। वे भारत के खिलाफ इस्तेमाल के लिए हथियार और गोला-बारूद जुटाने में भी लगे हुए थे।