IAF में इतिहास रचने वाली शक्ति शर्मा कौन हैं? 30 साल की सेवा के बाद बनीं पहली महिला एयर वाइस मार्शल
एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा ने भारतीय वायु सेना में नई मिसाल कायम की है। वह गैर-चिकित्सा क्षेत्र में एयर वाइस मार्शल रैंक हासिल करने वाली पहली महिला अधिकारी बनी हैं। तीन दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने ट्रेनिंग, शिक्षा और प्रशासन से जुड़े कई अहम पदों पर जिम्मेदारी संभाली है।
भारतीय वायु सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका के बीच एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा ने एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। वह भारतीय सशस्त्र बलों में गैर-चिकित्सा क्षेत्र से एयर वाइस मार्शल या उसके समकक्ष रैंक तक पहुंचने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई हैं। उनकी यह उपलब्धि सिर्फ भारतीय वायु सेना के लिए ही नहीं, बल्कि रक्षा सेवाओं में महिलाओं के बढ़ते नेतृत्व को भी दर्शाती है।
मंगलवार को शक्ति शर्मा ने एयर हेडक्वार्टर में Assistant Chief of Air Staff (Education) की जिम्मेदारी संभाली। इस पद पर उनकी नियुक्ति को रक्षा क्षेत्र में महिला अधिकारियों की प्रगति के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के तौर पर देखा जा रहा है।
1994 में शुरू हुआ था सफर
शक्ति शर्मा ने 18 जून 1994 को भारतीय वायु सेना की एजुकेशन ब्रांच में कमीशन हासिल किया था। इसके बाद से उन्होंने वायु सेना में लगातार तीन दशक से ज्यादा समय तक सेवा की। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने अलग-अलग तरह की जिम्मेदारियां निभाईं।
उन्होंने ट्रेनिंग संस्थानों, फील्ड स्टेशनों, कमांड हेडक्वार्टर और एयर हेडक्वार्टर में काम किया। अलग-अलग स्तरों पर काम करने के अनुभव ने उनके करियर को व्यापक बनाया और उन्हें संगठन के शिक्षा एवं रणनीतिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने का अवसर मिला।
शिक्षा के क्षेत्र में भी अहम योगदान
एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा का करियर केवल सैन्य प्रशासन तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने भारतीय वायु सेना और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने वाली कई पहलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनके नेतृत्व में IIT कानपुर और पुणे यूनिवर्सिटी में IAF Chairs of Excellence स्थापित करने जैसी संस्थागत पहलें हुईं। इनका मकसद उच्च शिक्षा, विशेषज्ञता और रक्षा क्षेत्र के बीच सहयोग को मजबूत करना था।
इस तरह शक्ति शर्मा की भूमिका सैन्य सेवा के साथ-साथ शिक्षा और रणनीतिक अध्ययन के क्षेत्र में भी रही है।
सैनिक स्कूल की कमान संभालने वाली पहली महिला
शक्ति शर्मा के करियर की एक और खास उपलब्धि सैनिक शिक्षा से जुड़ी है। वह तीनों सेनाओं में किसी सैनिक स्कूल की कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारी भी बनी थीं।
उन्होंने सैनिक स्कूल कपूरथला की प्रिंसिपल के रूप में जिम्मेदारी निभाई। यह भूमिका उन्हें सैन्य प्रशिक्षण और शिक्षा व्यवस्था के बीच काम करने का अवसर देती थी। सैनिक स्कूलों का उद्देश्य विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व और रक्षा सेवाओं के प्रति रुचि विकसित करना है।
महिलाओं के लिए Permanent Commission क्यों अहम रहा?
IAF में महिलाओं के करियर के विस्तार में Permanent Commission की व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना जाता है। 2010 में भारतीय वायु सेना ने महिला अधिकारियों के लिए Permanent Commission का रास्ता खोला। इसके बाद महिला अधिकारियों के लिए लंबी अवधि की सेवा और वरिष्ठ पदों तक पहुंचने के अवसर बढ़े।
वहीं सेना और नौसेना ने 2008 में चुनिंदा आर्म्स, सर्विसेज और ब्रांच में महिला अधिकारियों को Permanent Commission देना शुरू किया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 2020 में सेना में इसे कई अन्य क्षेत्रों तक विस्तार मिला।
शक्ति शर्मा की उपलब्धि इसी लंबे बदलाव के बीच सामने आई है, जब रक्षा सेवाओं में महिलाओं के लिए करियर के रास्ते पहले की तुलना में व्यापक हुए हैं।
एयर वाइस मार्शल तक पहुंचना कितना चुनौतीपूर्ण?
सशस्त्र बलों में वरिष्ठ रैंक तक पहुंचना किसी भी अधिकारी के लिए आसान नहीं होता। जैसे-जैसे अधिकारी ऊंचे रैंक की ओर बढ़ते हैं, उपलब्ध पदों की संख्या सीमित होती जाती है। ऐसे में प्रमोशन की प्रक्रिया में कड़ी प्रतिस्पर्धा होती है।
गैर-चिकित्सा क्षेत्र में शक्ति शर्मा का एयर वाइस मार्शल के पद तक पहुंचना इस लिहाज से खास है कि यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह पहली महिला अधिकारी हैं। उनका करियर लंबी सेवा, अलग-अलग संस्थानों में अनुभव और नेतृत्वकारी जिम्मेदारियों से होकर गुजरा है।
IAF में पहले भी महिलाओं ने बनाए रिकॉर्ड
भारतीय वायु सेना में शक्ति शर्मा से पहले भी महिला अधिकारियों ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
2023 में ग्रुप कैप्टन शालिजा धामी पश्चिमी सेक्टर में एक फ्रंटलाइन कॉम्बैट यूनिट की कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारियों में शामिल हुईं। उन्होंने पाकिस्तान सीमा से लगे पश्चिमी सेक्टर में एक मिसाइल स्क्वॉड्रन की कमान संभाली।
इसके अलावा स्क्वॉड्रन लीडर भावना कंठ ने ग्वालियर स्थित Tactics and Air Combat Development Establishment में Fighter Combat Leader (FCL) कोर्स पूरा करने वाली पहली महिला पायलट बनने की उपलब्धि हासिल की।
इसी साल स्क्वॉड्रन लीडर सान्या ने भारतीय वायु सेना में Elite Category-A Qualified Flying Instructor यानी Cat-A QFI की योग्यता हासिल करने वाली पहली महिला अधिकारी बनकर एक और नया रिकॉर्ड बनाया।
महिलाओं की बढ़ती भूमिका का प्रतीक
शक्ति शर्मा की उपलब्धि को भारतीय वायु सेना में महिलाओं के लिए बढ़ते अवसरों की एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा सकता है। 1994 में एजुकेशन ब्रांच से शुरू हुआ उनका सफर तीन दशक से ज्यादा की सेवा के बाद एयर वाइस मार्शल की रैंक तक पहुंचा है।
उनका करियर यह भी दिखाता है कि रक्षा सेवाओं में महिलाओं की भूमिका अब केवल कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित नहीं रह गई है। नेतृत्व, शिक्षा, ट्रेनिंग और उच्च स्तर के प्रशासनिक पदों पर उनकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है। शक्ति शर्मा का नया पदभार इस बदलाव की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।