दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले में FIR दर्ज करने के साथ CBI जांच के आदेश दिए हैं। इस फैसले के बाद करीब छह साल पुराने इस मामले की जांच नए सिरे से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
इस मामले में अदालत में सुनवाई पूरी हो चुकी थी और पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब अदालत ने पुलिस को FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है और जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंपने का आदेश दिया है।
पिता की याचिका पर आया फैसला
यह मामला दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की ओर से दायर याचिका से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करते हुए अपनी बेटी की मौत के मामले में FIR दर्ज करने और पूरे प्रकरण की नए सिरे से जांच कराने की मांग की थी।
उनकी प्रमुख मांग थी कि मामले की जांच मुंबई पुलिस के बजाय CBI जैसी केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। 28 अगस्त को बॉम्बे हाईकोर्ट में इस मामले पर सुनवाई पूरी हुई थी, जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
पिता ने लगाए थे गंभीर आरोप
सतीश सालियान ने अपनी याचिका में दावा किया था कि उनकी बेटी के साथ बलात्कार के बाद हत्या की गई। इन्हीं आरोपों के आधार पर उन्होंने मामले में FIR दर्ज कराने और विस्तृत जांच की मांग की थी।
हालांकि, ये आरोप याचिका में लगाए गए दावे हैं और अदालत द्वारा इनके सही होने का निष्कर्ष इस स्तर पर नहीं निकाला गया है। अब CBI जांच के दौरान इन आरोपों और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जाएगी।
8 जून 2020 को हुई थी दिशा की मौत
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में हुई थी। वह एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिर गई थीं। उस समय मुंबई पुलिस ने घटना को आत्महत्या मानते हुए Accidental Death Report (ADR) दर्ज की थी।
दिशा की मौत के कुछ ही दिनों बाद सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई थी। दोनों घटनाओं के बीच कथित संबंध को लेकर समय-समय पर कई तरह के सवाल और दावे सामने आते रहे हैं। हालांकि, दिशा की मौत के मामले में अब तक की पुलिस कार्रवाई और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच काफी अंतर रहा है।
अब CBI जांच से क्या बदलेगा?
बॉम्बे हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद इस मामले की जांच का दायरा बढ़ सकता है। FIR दर्ज होने के बाद CBI मामले से जुड़े उपलब्ध रिकॉर्ड, परिस्थितियों और याचिका में लगाए गए आरोपों की जांच कर सकेगी।
इस घटनाक्रम से दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि CBI जांच में किन तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल की जाती है और जांच एजेंसी अपनी रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने रखती है।
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