Weather Update: आने वाले दिनों में तापमान सामान्य से ज़्यादा रहने की संभावना...
नई दिल्ली, भारत: भारत के अधिकांश हिस्सों में इस सप्ताह के आगामी दिनों में तापमान में बढ़ोतरी जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के कई भागों में तापमान सामान्य से 4–6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहेगा, जबकि मध्य भारत में यह 2–4 डिग्री सेल्सियस ऊपर रहने का अनुमान है। साथ ही, एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर (4–9 मार्च), हिमाचल प्रदेश (7–9 मार्च) और उत्तराखंड (8–9 मार्च) में हल्की और छिटपुट बारिश या बर्फबारी की संभावना है।
न्यूनतम तापमान जम्मू संभाग, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तरी राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़, झारखंड, दक्षिण बिहार, पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम तथा असम और मेघालय में 10–15 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। देश के बाकी मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 16–20 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि तटीय ओडिशा, दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत और पश्चिमी तट के इलाकों में यह 20–25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
अधिकतम तापमान राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा और प्रायद्वीपीय भारत में 35–38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि मध्य प्रदेश, दक्षिण उत्तर प्रदेश और बिहार में 32–35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। देश के अन्य मैदानी क्षेत्रों में तापमान 28–31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
अलग-अलग क्षेत्रों में घना कोहरा दर्ज किया गया
इस बीच, मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ अलग-अलग क्षेत्रों में घना कोहरा दर्ज किया गया, जहां दृश्यता 50 से 199 मीटर के बीच रही। इसी तरह की स्थिति कल सुबह सिक्किम के कुछ स्थानों पर भी देखने को मिल सकती है। IMD के अनुसार, अधिकतम तापमान सामान्य से 4–8 डिग्री सेल्सियस तक अधिक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम उत्तर प्रदेश और पश्चिम राजस्थान में दर्ज किया गया। वहीं दिल्ली, मध्य प्रदेश, गुजरात, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और बिहार में तापमान सामान्य से 2–4 डिग्री अधिक रहा। देश के शेष हिस्सों में तापमान लगभग सामान्य के आसपास रहा।
सबसे कम तापमान अयोध्या में दर्ज किया गया
देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस अयोध्या (उत्तर प्रदेश) में दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, दक्षिण और पूर्वोत्तर असम तथा आसपास के क्षेत्रों के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। वहीं दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों और उससे सटे भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के ऊपर निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जो दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है।