चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली में 6 ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी

By  Preeti Kamal June 7th 2026 10:30 AM -- Updated: June 7th 2026 10:08 AM

चंडीगढ़, हरियाणा: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 661 करोड़ रुपये के कथित सरकारी धन गबन मामले की जांच के तहत चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर में छह स्थानों पर छापेमारी की। सीबीआई के अनुसार, यह मामला हरियाणा सरकार के कई विभागों, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के विभागों और क्रेस्ट चंडीगढ़ (CREST) को प्रभावित करने वाले बड़े वित्तीय घोटाले से जुड़ा है।

जांच एजेंसी ने बताया कि तलाशी अभियान चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर स्थित परिसरों में चलाया गया। इनमें हरियाणा कैडर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के आवास, विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक से जुड़े ठिकाने शामिल हैं।

कुछ सराकारी अधिकारियों ने किया पद का दुरुपयोग

सीबीआई के अनुसार, जांच में सामने आया है कि कुछ सरकारी अधिकारियों ने कथित तौर पर बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर खातों को खुलवाने, धनराशि के हस्तांतरण और बाद में धन के दुरुपयोग में मदद की। एजेंसी का आरोप है कि इन अधिकारियों ने अपनी भूमिका और निष्क्रियता के बदले अनुचित लाभ प्राप्त किए। मामला आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू फाइनेंस बैंक से जुड़े लेन-देन से संबंधित बताया जा रहा है।

सीबीआई ने कहा कि विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा के खाते में कथित अपराध से अर्जित धनराशि प्राप्त हुई थी, जिसे बाद में कंपनी के निदेशक के व्यक्तिगत खाते में स्थानांतरित कर दिया गया।

मामला आपराधिक साजिश, सरकारी धन के गबन से जुड़ा है

छापेमारी के दौरान सीबीआई ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, संपत्ति संबंधी दस्तावेज और अन्य अहम सामग्री जब्त की है। जांच एजेंसी ने यह मामला हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) तथा चंडीगढ़ के आर्थिक अपराध थाना में दर्ज दो मामलों से अपने हाथ में लिया है। सीबीआई के अनुसार, यह मामला आपराधिक साजिश, सरकारी धन के गबन और बैंक अधिकारियों व सरकारी कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से जुड़े अपराधों से संबंधित है।

लगभग 661 करोड़ रुपये के सरकारी धन का हुआ दुरुपयोग

जांच में सामने आया है कि इस कथित घोटाले से हरियाणा सरकार के आठ विभाग, चंडीगढ़ नगर निगम के दो विभाग और क्रेस्ट चंडीगढ़ प्रभावित हुए हैं, जिससे करीब 661 करोड़ रुपये के सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ।

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