चंडीगढ़, लुधियाना: कौमी इंसाफ मोर्चा (Qaumi Insaaf Morcha) ने सिख बंदियों की रिहाई समेत विभिन्न मांगों को लेकर 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया है। बंद को लेकर राज्य में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया अलग-अलग है। लुधियाना में शिरोमणि अकाली दल (SAD) और वारिस पंजाब दे ने बंद का समर्थन किया है, जबकि कांग्रेस ने राज्य नेतृत्व के फैसले का इंतजार करने की बात कही है।

मोर्चा से जुड़े संगठनों के अनुसार, 21 अगस्त को सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक बंद का आह्वान किया गया है। समर्थकों ने बाजार और सार्वजनिक परिवहन बंद रखने तथा सड़क यातायात प्रभावित करने की बात कही है। हालांकि, अलग-अलग इलाकों में बंद का असर स्थानीय स्तर पर अलग हो सकता है।

लुधियाना में करीब 800 बसें नहीं चलेंगी

लुधियाना में बस ऑपरेटरों ने बंद को समर्थन देने का ऐलान किया है। स्मॉल स्केल डिस्ट्रिक्ट बस ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के पंजाब महासचिव जसविंदर सिंह ग्रेवाल के मुताबिक, 21 अगस्त को सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक करीब 800 बसें सड़कों पर नहीं चलेंगी। इससे यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन के स्तर पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

SAD और वारिस पंजाब दे ने किया समर्थन

वारिस पंजाब दे के मनप्रीत सिंह अयाली ने बंद को समर्थन देते हुए इसे जायज मांग बताया। वहीं, वरिष्ठ अकाली नेता महेशिंदर सिंह ग्रेवाल ने भी बंद के समर्थन की बात कही और केंद्र सरकार से लंबे समय से जेल में बंद सिख कैदियों के मामलों पर निर्णय लेने की मांग की। दूसरी ओर, लुधियाना जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय तलवार ने कहा कि वह फिलहाल बंद का समर्थन या विरोध करने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि इस संबंध में फैसला राज्य स्तर पर लिया जाना है। जम्हूरी किसान सभा पंजाब ने भी न तो बंद का समर्थन किया है और न ही विरोध।

क्यों बुलाया गया है पंजाब बंद?

कौमी इंसाफ मोर्चा और उससे जुड़े संगठनों का कहना है कि कई सिख कैदी अपनी सजा पूरी करने के बावजूद जेलों में बंद हैं। मोर्चा ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और दर्ज किए गए मामलों का भी विरोध किया है। संगठन इन मुद्दों को लेकर सरकार पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हाल के दिनों में कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शन के दौरान चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव भी देखने को मिला था। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया था।

क्या खुलेगा और क्या रहेगा बंद?

बंद के दौरान बाजार, दुकानें और सार्वजनिक परिवहन प्रभावित रहने की संभावना है। स्कूल-कॉलेजों पर भी असर पड़ सकता है। मोर्चा समर्थकों ने सड़क यातायात रोकने की बात कही है, इसलिए 21 अगस्त को यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं, अस्पताल और मेडिकल स्टोर खुले रहने की बात कही गई है। एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों, परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों और शादी समारोहों में शामिल होने वाले लोगों को यात्रा की अनुमति देने की बात भी सामने आई है।

SGPC ने भी बंद का समर्थन किया

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) ने भी 21 अगस्त के पंजाब बंद के आह्वान का समर्थन किया है। इसके चलते बंद को लेकर राज्य में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। 21 अगस्त को पंजाब में यात्रा करने वाले लोग घर से निकलने से पहले स्थानीय परिवहन और बाजारों की स्थिति की जानकारी जरूर लें। बस सेवाएं प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था रखें। परीक्षा, अस्पताल, एयरपोर्ट या अन्य जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लेकर चलना बेहतर रहेगा।