चंडीगढ़ में केंद्र का बड़ा फैसला, लागू किए गए 5 अहम कानून...

By  Preeti Kamal May 7th 2026 10:15 AM -- Updated: May 7th 2026 09:46 AM

चंडीगढ़, पंजाब: केंद्र सरकार ने शासन व्यवस्था को आधुनिक बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और लोगों के जीवन व व्यापार को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में पांच महत्वपूर्ण राज्य कानून लागू किए हैं। गृह मंत्रालय (MHA) ने बुधवार को पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 87 के तहत पांच अधिसूचनाएं जारी कर इन सुधारों को लागू किया।

चंडीगढ़ में अपनी विधानसभा न होने के कारण उपयुक्त राज्य कानूनों को यहां लागू करने की पुरानी परंपरा के तहत यह कदम उठाया गया है। इन सुधारों में सबसे अहम भारतीय स्टांप (पंजाब संशोधन) अधिनियम, 2001 और 2003 का विस्तार है। इन कानूनों का उद्देश्य संपत्तियों के मूल्यांकन और स्टांप शुल्क संग्रह प्रणाली को मजबूत बनाना है। इससे संपत्ति लेनदेन में कम मूल्य दिखाने जैसी गड़बड़ियों पर रोक लगेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।

पंजाब आबादी देह अधिनियम, 2021 चंडीगढ़ में भी लागू

केंद्र ने पंजाब आबादी देह (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) अधिनियम, 2021 को भी चंडीगढ़ में लागू किया है। इसका उद्देश्य ऐसे रिहायशी क्षेत्रों में मालिकाना हक का सर्वे और रिकॉर्ड तैयार करना है, जो अब तक औपचारिक भूमि रिकॉर्ड से बाहर थे। अधिकारियों के अनुसार इससे भूमि विवाद कम होंगे, स्वामित्व स्पष्ट होगा और शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।

पंजाब मानव तस्करी रोकथाम अधिनियम, 2012 लागू

इसके अलावा पंजाब मानव तस्करी रोकथाम अधिनियम, 2012 और संशोधन अधिनियम, 2014 भी लागू किए गए हैं। यह कानून ट्रैवल एजेंटों के लाइसेंस, निगरानी और दंडात्मक प्रावधानों के जरिए मानव तस्करी पर रोक लगाने में मदद करेगा। खासतौर पर छात्रों और नौकरी तलाशने वालों को फर्जी एजेंटों से सुरक्षा मिलेगी।

हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट, 2022 लागू

चंडीगढ़ में हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट, 2022 भी लागू किया गया है, जो पुराने अग्नि सुरक्षा कानून की जगह लेगा। यह नया कानून जोखिम आधारित अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, सरल मंजूरी प्रक्रिया, फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की लंबी वैधता और बेहतर अनुपालन व्यवस्था प्रदान करेगा। इसके साथ ही मॉडल टेनेंसी एक्ट, 2021 के अनुरूप असम टेनेंसी एक्ट, 2021 को भी चंडीगढ़ में लागू किया गया है, जिसने ईस्ट पंजाब अर्बन रेंट रेस्ट्रिक्शन एक्ट, 1949 की जगह ली है।

 चंडीगढ़ में बेहतर प्रशासन सुनिश्चित करना लक्ष्य है

इस कानून में किरायेदारी समझौतों को औपचारिक रूप देने, मकान मालिक और किरायेदारों के अधिकार स्पष्ट करने और विवादों के त्वरित समाधान की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी सुधारों का उद्देश्य कानूनी ढांचे की कमियों को दूर करना, नागरिक सुरक्षा मजबूत करना, नियामकीय स्पष्टता बढ़ाना और चंडीगढ़ में बेहतर प्रशासन सुनिश्चित करना है।

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