चंडीगढ़, पंजाब: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को पंजाब और चंडीगढ़ में बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) से Change of Land Use (CLU) लाइसेंस हासिल करने में कथित अनियमितताओं के मामले में 12 स्थानों पर छापेमारी की। अधिकारियों के मुताबिक, यह छापेमारी रियल एस्टेट कंपनियों, बिल्डर्स और उनके सहयोगियों से जुड़े परिसरों पर की जा रही है।
जांच के दायरे में सनटेक सिटी प्रोजेक्ट, अजय सहगल, ABS Townships Pvt Ltd, Altus Builders, धीर कंस्ट्रक्शंस समेत कई अन्य संस्थाएं शामिल हैं। ED की यह कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग, वित्तीय अनियमितताओं और निवेशकों के साथ धोखाधड़ी से जुड़े मामले की जांच का हिस्सा है। जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपित बिल्डर्स और डेवलपर्स ने कथित रूप से फर्जी तरीके से CLU लाइसेंस हासिल किए और बाद में हाउसिंग व इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के नाम पर आम लोगों से सैकड़ों करोड़ रुपये जुटाए।
Mohali, Punjab: Enforcement Directorate (ED) raids are continuing at the Western Tower in Kharar, Mohali.Nitin Gohal is being searched by the ED as he is allegedly helping builders who have defaulted on payment of GMADA fees and arranging political protection for them https://t.co/v99GkSrTiY pic.twitter.com/HhHsEDkKfw
— IANS (@ians_india) May 7, 2026
प्राधिकरण को बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ
अधिकारियों का आरोप है कि खरीदारों और निवेशकों से भारी रकम लेने के बावजूद कई डेवलपर्स ने GMADA को देय भुगतान नहीं किया, जिससे प्राधिकरण को बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ। सूत्रों के अनुसार, ED की टीमें छापेमारी के दौरान बरामद वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्ति दस्तावेज, डिजिटल सबूत और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। एजेंसी बिल्डर्स, बिचौलियों और रियल एस्टेट परियोजनाओं की मंजूरी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के कथित गठजोड़ की भी जांच कर रही है।
नितिन गोहल ने GMADA का बकाया न चुकाने वाले डेवलपर्स की मदद की
ED की जांच के दायरे में नितिन गोहल का नाम भी शामिल है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने कुछ आरोपित बिल्डर्स के लिए “फैसिलिटेटर” की भूमिका निभाई। अधिकारियों का दावा है कि गोहल ने कथित रूप से GMADA का बकाया न चुकाने वाले डेवलपर्स की मदद की और उन्हें राजनीतिक संरक्षण दिलाने की व्यवस्था की। जांच एजेंसियों को शक है कि नितिन गोहल पंजाब मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से एक संपर्क सूत्र (लायजनर) के रूप में काम कर रहे थे और बिल्डर्स तथा प्रभावशाली लोगों के बीच समन्वय में भूमिका निभा रहे थे।
छापेमारी के दौरान जुटाए गए सबूतों का विश्लेषण होगा
सूत्रों ने यह भी दावा किया कि वह राजबीर घुमन के करीबी सहयोगी हैं। ED इस बात की जांच कर रही है कि क्या कथित अवैध मंजूरियों, फंड डायवर्जन या संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के जरिए अपराध की आय (Proceeds of Crime) उत्पन्न हुई थी। अधिकारियों ने कहा कि छापेमारी के दौरान जुटाए गए सबूतों का विश्लेषण कर मनी ट्रेल का पता लगाया जाएगा और इसमें शामिल व्यक्तियों व कंपनियों की भूमिका तय की जाएगी।