पंजाब और चंडीगढ़ में ED की बड़ी छापेमारी, 32.67 करोड़ के फ्रॉड की जांच
चंडीगढ़, पंजाब: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को पंजाब और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड (CRCPL) और रॉयल एस्टेट ग्रुप से जुड़े कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई।
अधिकारियों के अनुसार, ED के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-I ने यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की। सूत्रों ने बताया कि छापेमारी रॉयल एस्टेट ग्रुप से जुड़े कई ठिकानों पर की गई, जिनमें जीरकपुर स्थित चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे पर मौजूद समूह का मुख्य कार्यालय भी शामिल है।
19 जुलाई 2025 को दर्ज मामले पर हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई पंजाब पुलिस द्वारा 19 जुलाई 2025 को दर्ज मामले के आधार पर शुरू की गई जांच के तहत की गई। आरोप है कि चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों और अन्य संबंधित लोगों ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) को देय वैधानिक भुगतान में जानबूझकर चूक की और लगभग 32.67 करोड़ रुपये के बाउंस चेक जमा किए।
मामला एक रिहायशी कॉलोनी परियोजना से जुड़ा है
यह मामला पंजाब के एसएएस नगर जिले के कराला गांव में स्थित एक रिहायशी कॉलोनी परियोजना से जुड़ा है।जांच एजेंसियों को शक है कि हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए जुटाई गई रकम को कई संबद्ध कंपनियों और संबंधित पक्षों के जरिए दूसरी जगहों पर ट्रांसफर किया गया।
ED ने कंपनियों के बीच संदिग्ध लेनदेन और फंड की लेयरिंग को भी चिन्हित किया है, जो रॉयल एस्टेट ग्रुप से जुड़ी संस्थाओं के माध्यम से किए गए बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी प्रवीण कंसल उर्फ रॉकी, नीरज कंसल, दलजीत सिंह, अनुराग मिधा, लियाकत अली और सुमित बंसल समेत कई लोगों के आवासीय परिसरों पर भी की गई।
डिजिटल उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजात जब्त
छापों के दौरान ED ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजात जब्त किए हैं, जिनसे जांच में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। ED ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और जब्त सामग्री की जांच के बाद और खुलासे हो सकते हैं।