पंजाब के सरकारी स्कूल की लाइब्रेरी देखकर अरविंद केजरीवाल बोले- 'सब कुछ नीयत का मामला है'
अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मानसा जिले के सरकारी स्कूल की आधुनिक लाइब्रेरी का वीडियो साझा कर सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की सराहना की। इसी बीच 180 से अधिक ETT शिक्षकों ने भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया और शिक्षा विभाग के एक क्लर्क पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में हो रहे बदलाव की तारीफ की है। उन्होंने पंजाब के मानसा जिले के एक सरकारी स्कूल में तैयार की गई नई लाइब्रेरी का वीडियो साझा करते हुए कहा कि सरकारी स्कूल भी बेहतर हो सकते हैं और इसके लिए सबसे जरूरी चीज 'नीयत' है। अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा साझा किया गया वीडियो रिपोस्ट किया।
वीडियो में मानसा के भैणी भागा स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की नई और आधुनिक लाइब्रेरी दिखाई गई है। केजरीवाल ने लिखा, "यह पंजाब के एक सरकारी स्कूल की लाइब्रेरी है। अगली बार जब कोई आपसे कहे कि सरकारी स्कूल अच्छे नहीं हो सकते, तो उसे यह वीडियो दिखाइए। यह सब नीयत का मामला है।" इससे पहले शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने लाइब्रेरी की तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए कहा था कि यह छात्रों के लिए पढ़ने, सीखने और बड़े सपने देखने के लिए एक बेहतर और सुविधाजनक स्थान है।
180 ETT शिक्षकों का वित्त मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन
वहीं, पंजाब में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक चर्चा के बीच 180 से अधिक Elementary Teacher Training (ETT) शिक्षक अपने परिवारों के साथ शनिवार को चंडीगढ़ में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने भर्ती प्रक्रिया में कथित बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों द्वारा कथित मनमानी का आरोप लगाया।
'क्लर्क को निलंबित किया जाए'
एक प्रदर्शनकारी शिक्षक ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग के एक क्लर्क ने अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए भर्ती प्रक्रिया में कथित घोटाला किया।उन्होंने कहा, "हम उस शिक्षा विभाग के क्लर्क के निलंबन की मांग कर रहे हैं, जिसने अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए इतना बड़ा घोटाला किया। हम अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं।" प्रदर्शनकारी के मुताबिक, शिक्षा मंत्री और वित्त मंत्री का कहना है कि उनके पास क्लर्क को निलंबित करने का अधिकार नहीं है और मुख्यमंत्री के साथ बैठक कराने का आश्वासन दिया गया है। उनका आरोप है कि कई बैठकों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
2016 की भर्ती, फिर बर्खास्तगी और कोर्ट से बहाली
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने बताया कि 180 ETT शिक्षकों की भर्ती वर्ष 2016 में हुई थी, लेकिन बाद में भर्ती प्रक्रिया में खामियों का हवाला देते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। शिक्षकों के मुताबिक, बाद में अदालत के आदेश के बाद उन्हें दोबारा बहाल किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बहाली के दौरान विभागीय क्लर्क को कथित तौर पर बचाया गया। एक शिक्षक ने दावा किया कि एक IAS अधिकारी की रिपोर्ट में भी समस्या के लिए क्लर्क की गलती की ओर इशारा किया गया और 180 शिक्षकों को जिम्मेदार नहीं माना गया। इसके बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है।
पंजाब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया
प्रदर्शन के बाद पंजाब पुलिस ने वित्त मंत्री के आवास के आसपास से प्रदर्शनकारियों को हटाया। शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपने अधिकारों और न्याय की मांग कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम में एक ओर पंजाब सरकार के सरकारी स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के प्रयासों की चर्चा है, तो दूसरी ओर शिक्षक भर्ती से जुड़े पुराने विवाद और प्रदर्शन सरकार के सामने चुनौती बने हुए हैं।