मोदी सरकार के 12 साल: पंजाब को मिले ₹4.13 लाख करोड़ से अधिक, विकास को मिली नई रफ्तार
पंजाब: आज जब देश प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व के 12 साल का जश्न मना रहा है, तो पंजाब के संदर्भ में इन वर्षों का विश्लेषण करना अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" के मंत्र के साथ, एनडीए सरकार ने पंजाब की प्रगति के लिए जो वित्तीय सहायता और विकासात्मक पहल की हैं, वे अभूतपूर्व हैं। आधिकारिक सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में पंजाब को केंद्र से ऐतिहासिक स्तर पर समर्थन मिला है, जिसने राज्य की अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण को एक नई दिशा दी है।
राजनीतिक विरोधों और आरोपों के बीच, तथ्य यह बताते हैं कि केंद्र सरकार ने कृषि, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सामाजिक सशक्तिकरण के माध्यम से पंजाब के हर नागरिक के जीवन को छूने का प्रयास किया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इन 12 वर्षों में पंजाब को विकास की मुख्यधारा से कैसे जोड़ा गया।
1. पंजाब को ऐतिहासिक वित्तीय सहायता: आंकड़ों की जुबानी
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, केंद्रीय करों में पंजाब की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है। वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार, पंजाब का हिस्सा 13वें वित्त आयोग के समय 1.389% था, जो 16वें वित्त आयोग तक बढ़कर 1.996% हो गया है। यह स्पष्ट करता है कि केंद्र ने पंजाब के साथ कोई भेदभाव नहीं किया, बल्कि उसकी हिस्सेदारी में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की।
कर हस्तांतरण (Tax Devolution):
वर्ष 2016-17 से 2026-27 के दौरान, कर हस्तांतरण के माध्यम से पंजाब को ₹1,84,055.76 करोड़ हस्तांतरित किए गए। सहायता अनुदान (Grants-in-Aid): इसी अवधि के दौरान केंद्र द्वारा ₹1,48,559.40 करोड़ का अनुदान जारी किया गया। पंजाब को GST मुआवजे के रूप में ₹39,997 करोड़ प्राप्त हुए। कुल प्रत्यक्ष राजकोषीय सहायता: यदि हम कर हस्तांतरण, अनुदान, GST मुआवजे और ऋणों को मिला दें, तो पंजाब को इन चैनलों के माध्यम से ₹4.13 लाख करोड़ से अधिक की सीधी सहायता मिली है।

2. कृषि और किसान कल्याण: पंजाब के अन्नदाता की मजबूती
पंजाब भारत का 'अन्न भंडार' है, और मोदी सरकार ने इस क्षेत्र के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। कृषि क्षेत्र में केंद्र का निवेश और समर्थन राज्य के किसानों के लिए जीवनदायिनी साबित हुआ है। पंजाब के 11 लाख से अधिक लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में ₹6,552.64 करोड़ सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। उर्वरक सब्सिडी (Fertilizer Subsidy): केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर ₹16 लाख करोड़ से अधिक की सब्सिडी दी है।
पंजाब की राष्ट्रीय उर्वरक खपत में 8-9% की हिस्सेदारी है, जिसका अर्थ है कि राज्य के किसानों को लगभग ₹1.3–1.5 लाख करोड़ का लाभ मिला है। आज भी यूरिया का 45 किलो का बैग किसानों को ₹242 में मिलता है, जबकि सरकार को इसकी लागत ₹2,000 से अधिक पड़ती है। सिंचाई और मृदा स्वास्थ्य: 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' के तहत 1 लाख से अधिक किसानों को मदद मिली है और 1.42 लाख सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए हैं।

3. स्वास्थ्य क्रांति: AIIMS बठिंडा और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार
पंजाब में विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना मोदी सरकार की प्राथमिकता रही है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के तहत बठिंडा में AIIMS की स्थापना की गई, जो अब पंजाब और पड़ोसी राज्यों के लिए चिकित्सा का प्रमुख केंद्र बन गया है। मेडिकल कॉलेजों का जाल: पंजाब में चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मोहाली, होशियारपुर, कपूरथला और मलेरकोटला में नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, अमृतसर और पटियाला के सरकारी मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड किया गया है।
आयुष्मान भारत: इस योजना के तहत पंजाब में 31 लाख से अधिक लाभार्थियों को लाभ मिला है और इसके लिए ₹4,112.37 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। हालांकि, राज्य सरकार द्वारा केंद्रों के नाम बदलने से कुछ चुनौतियां आईं, लेकिन केंद्र का समर्थन जारी रहा।

4. बुनियादी ढांचा: दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे और रेलवे का कायाकल्प
कनेक्टिविटी विकास की रीढ़ है, और पंजाब ने पिछले 12 वर्षों में परिवहन के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव देखे हैं। दिल्ली–अमृतसर–कटरा एक्सप्रेसवे: यह भारत के सबसे महत्वपूर्ण गलियारों में से एक है। पंजाब में इसकी लंबाई 399 किमी है और इस पर लगभग ₹23,000–24,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे श्री हरमंदिर साहिब और करतारपुर कॉरिडोर के लिए धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।

रेलवे बजट में 5 गुना वृद्धि: पंजाब के लिए वार्षिक रेलवे बजट आवंटन 2019-20 के ₹1,095 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में ₹5,421 करोड़ हो गया है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पंजाब के 30 प्रमुख स्टेशनों को विश्व स्तरीय परिवहन केंद्रों के रूप में आधुनिक बनाया जा रहा है, जिसके पहले चरण का बजट ₹4,762 करोड़ है।

5. ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा
मोदी सरकार की योजनाओं ने पंजाब के गांवों और वंचित तबकों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाया है। जल जीवन मिशन: यह पंजाब की बड़ी सफलता कहानियों में से एक है। ₹5,773.66 करोड़ के केंद्रीय वित्त पोषण के साथ, पंजाब ने 100% ग्रामीण नल जल कवरेज हासिल कर लिया है।
PM आवास योजना: ग्रामीण क्षेत्रों में 36,769 और शहरी क्षेत्रों में 1.58 लाख से अधिक घरों को मंजूरी दी गई है। वित्तीय समावेशन: जन धन योजना के तहत 91 लाख से अधिक खाते खोले गए हैं, जिनमें ₹4,371.95 करोड़ से अधिक जमा हैं। PM मुद्रा योजना के माध्यम से पंजाब के उद्यमियों को ₹85,580 करोड़ से अधिक के ऋण दिए गए हैं।
निष्कर्ष: पिछले 12 वर्षों के तथ्य निर्विवाद हैं। चाहे वह ₹4.13 लाख करोड़ की प्रत्यक्ष राजकोषीय सहायता हो, राजमार्गों पर ₹43,527 करोड़ का निवेश हो या रेलवे के लिए ₹34,488 करोड़ का आवंटन- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने केवल घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि परिणाम दिए हैं। पंजाब को मिला यह अभूतपूर्व सहयोग राज्य के सर्वांगीण विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
ये 12 साल केवल एक सरकार का कार्यकाल नहीं हैं, बल्कि पंजाब और भारत के लिए विकास, विश्वास और सुशासन के एक परिवर्तनकारी युग का प्रतिनिधित्व करते हैं। आने वाले वर्षों में, इन परियोजनाओं के पूरा होने के साथ, पंजाब की प्रगति की रफ्तार और भी तेज होगी।