अमृतसर, पंजाब: पंजाब में सरकारी कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार को राज्यव्यापी हड़ताल शुरू कर दी, जिसका असर सरकारी अस्पतालों समेत कई विभागों की सेवाओं पर पड़ा। हड़ताल के कारण कई सरकारी अस्पतालों में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) सेवाएं प्रभावित रहीं, जबकि आपातकालीन सेवाएं जारी रखी गईं।
गुरु नानक देव अस्पताल, सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर के अध्यक्ष और पंजाब पैरा-मेडिकल एवं स्वास्थ्य कर्मचारी समन्वय समिति के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने बताया कि कर्मचारी पिछले साढ़े चार वर्षों से भगवंत मान सरकार के खिलाफ अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
कर्मचारियों की मांगों में सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित करना, विभिन्न श्रेणियों में नियुक्त कर्मचारियों को पेंशन लाभ देना और महंगाई भत्ते (डीए) की लंबित किस्तों का भुगतान शामिल है। इसके अलावा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, मध्याह्न भोजन कर्मियों और अन्य अस्थायी या संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से कर्मचारियों को कई बार बैठक की तारीख दी गई, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ बैठक नहीं हो सकी और बैठकों को बार-बार टाल दिया गया।
#WATCH | Amritsar, Punjab | OPD services in hospitals are impacted as doctors stage a protest over their long-pending demands. pic.twitter.com/Pbt3vvMbhQ
— ANI (@ANI) August 27, 2026
7 अगस्त की रैली के बाद राज्यव्यापी हड़ताल
कर्मचारी नेताओं के अनुसार, 7 अगस्त को चंडीगढ़ में आयोजित रैली में तीन लाख से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया था। इसके बाद 27 अगस्त को पंजाब भर के सरकारी कर्मचारियों ने पूर्ण हड़ताल करते हुए ब्लॉक, जिला और मुख्यालय स्तर पर प्रदर्शन किया। हड़ताल में अस्पतालों और औषधालयों के अलावा सरकारी कार्यालय, स्कूल, बिजली विभाग, पशुपालन विभाग और कृषि विभाग के कर्मचारी भी शामिल हुए।
गुरु नानक देव अस्पताल में OPD और सामान्य ऑपरेशन थिएटर बंद
अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में हड़ताल का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर देखने को मिला। नरेंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी सेवाएं और सामान्य ऑपरेशन थिएटर बंद रहे, जबकि आपातकालीन सेवाएं चालू रखी गईं। उन्होंने कहा कि आम लोगों को पहले ही सूचना दे दी गई थी कि वे केवल आपात स्थिति में ही अस्पताल आएं।
Bathinda, Punjab: Government employees across Punjab observe a one-day strike over DA and other pending demands. At Bathinda Civil Hospital, only emergency services are operational while other services remain shut. pic.twitter.com/E8FIhC2p7v
— IANS (@ians_india) August 27, 2026
250 से अधिक संगठन और फेडरेशन समर्थन में
कर्मचारी नेताओं का दावा है कि 250 से अधिक संगठन और फेडरेशन इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। नरेंद्र सिंह ने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों में सरकार के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान सरकार ने महंगाई भत्ते की एक भी लंबित किस्त जारी नहीं की है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि डीए सरकारी कर्मचारियों का अधिकार है और इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो वे आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार का बहिष्कार करेंगे और उसके खिलाफ अभियान चलाएंगे।
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— ANI Digital (@ani_digital) August 27, 2026
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