लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से करीब सात महीने पहले समाजवादी पार्टी ने महिलाओं को लेकर अपना चुनावी एजेंडा सामने रखना शुरू कर दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और डिंपल यादव ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, रोजगार, शिक्षा, सुरक्षा और सामाजिक सम्मान से जुड़े कई बड़े वादों का ऐलान किया। इनमें गरीब महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये की आर्थिक मदद, सरकारी नौकरियों में 33 फीसदी आरक्षण, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और सप्ताह में दो दिन आकस्मिक अवकाश जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।

सपा ने इस प्रस्तावित योजना को 'स्त्री सम्मान समृद्धि योजना' नाम दिया है। पार्टी का कहना है कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

गरीब महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये देने का वादा

डिंपल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी सत्ता में आने पर 'स्त्री सम्मान समृद्धि योजना' शुरू करेगी। इसके तहत गरीब महिलाओं को शुरुआती तौर पर 40 हजार रुपये की मदद दी जाएगी और आगे हर साल इसमें बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव है।

योजना में आर्थिक सहायता के साथ मोबाइल, लैपटॉप, शिक्षा और प्रशिक्षण जैसे माध्यमों से महिलाओं को सशक्त बनाने की बात भी कही गई है। अखिलेश यादव ने इसे महिलाओं के लिए पार्टी के व्यापक एजेंडे का हिस्सा बताया।

सपा नेतृत्व ने अपने PDA फॉर्मूले में 'A' को आधी आबादी यानी महिलाओं से जोड़ते हुए उनके राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधित्व पर भी जोर दिया।

सरकारी नौकरियों में 33 फीसदी आरक्षण का वादा

सपा ने महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 33 फीसदी आरक्षण देने का वादा किया है। पार्टी का कहना है कि इससे महिलाओं की सरकारी सेवाओं में भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।

इसके अलावा महिलाओं के कामकाजी जीवन को आसान बनाने के लिए प्रति माह कम से कम दो दिन आकस्मिक अवकाश की व्यवस्था करने की बात भी कही गई है। यह प्रस्ताव खास तौर पर कामकाजी महिलाओं से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखकर पेश किया गया है।

शिक्षा पर भी कई बड़े वादे

सपा ने छात्राओं की शिक्षा को लेकर भी कई घोषणाएं की हैं। पार्टी के मुताबिक, सत्ता में आने पर 12वीं पास करने वाली हर छात्रा को मुफ्त लैपटॉप देने का वादा किया जाएगा।

सरकारी स्कूलों में छात्राओं की पूरी फीस माफ करने और निजी स्कूलों में फीस का आधा हिस्सा माफ करने की बात भी कही गई है।

इसके साथ ही हर तहसील में एक पीजी कॉलेज और हर जिले में एक विश्वविद्यालय बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। पार्टी ने दावा किया कि बंद हो चुके 26 हजार से अधिक स्कूलों को दोबारा खोलने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

पूरे यूपी में महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा

महिलाओं के लिए मुफ्त सार्वजनिक परिवहन भी सपा के प्रस्तावित एजेंडे का हिस्सा है। पार्टी ने पूरे उत्तर प्रदेश में महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा देने का वादा किया है।

इसके अलावा विधवा और बेसहारा महिलाओं को पक्का सरकारी घर देने तथा निराश्रित महिलाओं के सम्मानजनक अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी सरकार द्वारा उठाने की बात कही गई है।

महिला सुरक्षा पर फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव

सपा ने महिला अपराधों से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का भी वादा किया है। अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी सरकार में महिलाओं की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

उन्होंने अपनी पिछली सरकार के दौरान महिला सुरक्षा के लिए शुरू की गई 1090 सेवा का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

योगी सरकार के ऐलानों के बीच सपा का पलटवार

सपा के इन ऐलानों को ऐसे समय में देखा जा रहा है जब उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी महिलाओं और छात्राओं के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है। सरकार ने 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की अहिल्याबाई योजना का ऐलान किया है। इसके अलावा 12वीं पास छात्राओं के लिए मुफ्त लैपटॉप और 50 हजार लड़कियों को मुफ्त स्कूटी देने वाली रानी लक्ष्मीबाई योजना की घोषणा भी की गई है।

ऐसे में सपा के ताजा वादों को यूपी चुनाव से पहले महिलाओं के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। दोनों प्रमुख राजनीतिक खेमों की घोषणाओं में महिलाओं की शिक्षा, आर्थिक सहायता, यात्रा और सशक्तीकरण जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आ रहे हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि 'स्त्री सम्मान समृद्धि योजना' समाजवादी पार्टी के चुनावी घोषणापत्र का हिस्सा होगी। उन्होंने कहा कि पार्टी आधी आबादी की आजादी और सम्मान को अपने राजनीतिक एजेंडे में प्रमुख स्थान देगी।

आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि सपा इन प्रस्तावों को किस तरह अपने चुनावी अभियान का हिस्सा बनाती है और क्या महिलाओं से जुड़े ये वादे 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक आधार तैयार कर पाते हैं।