Punjab BJP Nasha Mukt Yatra: ‘मुफ्त योजनाएं नहीं, चिट्टे से आजादी चाहिए’, 13 दिन की यात्रा से पहले छलका परिवारों का दर्द

Punjab BJP ने नशे के खिलाफ 13 दिवसीय ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू की है। चार यात्राएं 117 विधानसभा सीटों से गुजरते हुए करीब 4,000 KM का सफर तय करेंगी। अभियान से पहले चंडीगढ़ में नशे से प्रभावित परिवारों ने अपना दर्द साझा किया।

By  Laxman September 18th 2026 01:00 PM -- Updated: September 18th 2026 12:29 PM

पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार से अपनी ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू कर दी है। 13 दिन तक चलने वाला यह अभियान राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेगा। चार अलग-अलग यात्राओं के जरिए करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करने की योजना है। यात्रा की शुरुआत से पहले चंडीगढ़ में आयोजित ‘मावां मांगदियां जवाब’ कार्यक्रम में नशे की समस्या से प्रभावित 50 से अधिक परिवारों ने अपने अनुभव साझा किए।

इस दौरान परिवारों ने नशे के कारण घरों पर पड़े आर्थिक और सामाजिक असर की बात रखी। एक प्रभावित मां ने कहा कि परिवारों को मुफ्त योजनाओं से ज्यादा जरूरत अपने बच्चों को नशे से बचाने की है। उनका कहना था, “हमें मुफ्त की योजनाएं नहीं चाहिए, हमें चिट्टे से आजादी चाहिए।”

चार रास्तों से पूरे पंजाब तक पहुंचने की तैयारी

BJP की योजना के मुताबिक चारों यात्राएं अलग-अलग हिस्सों से शुरू होकर राज्य के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेंगी। पहली यात्रा 18 सितंबर को पठानकोट के माधोपुर सुजानपुर स्थित एकता स्थल से शुरू हुई, जिसे BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने हरी झंडी दिखाई।

दूसरी यात्रा 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब, तीसरी 20 सितंबर को फाजिल्का और चौथी 21 सितंबर को तलवंडी साबो से शुरू होने वाली है। चारों यात्राएं मिलकर लगभग 4,000 किलोमीटर का सफर तय करेंगी और सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने का कार्यक्रम है।

यात्राओं का समापन 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित है। BJP ने बताया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समापन कार्यक्रम में संबोधित कर सकते हैं।

‘मावां मांगदियां जवाब’ में सामने आया परिवारों का दर्द

यात्रा शुरू होने से पहले चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से आए उन परिवारों ने अपनी बातें रखीं, जो नशे की लत या उससे हुई मौतों से प्रभावित रहे हैं।

कार्यक्रम का उद्देश्य नशे की समस्या से प्रभावित परिवारों को अपनी बात सार्वजनिक तौर पर रखने का मंच देना बताया गया। परिवारों के अनुभवों में इलाज का खर्च, परिवार की आर्थिक स्थिति पर असर और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता जैसे मुद्दे सामने आए।

BJP प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को जन आंदोलन का रूप देना चाहती है। पार्टी नेताओं ने नशे की समस्या को केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि परिवारों और समाज से जुड़ी चुनौती के रूप में पेश किया है।

यात्रा में नशे के साथ कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार का मुद्दा भी

BJP ने शुरुआत में यात्रा को नशे के खिलाफ अभियान के तौर पर पेश किया था, लेकिन पार्टी की घोषणा के मुताबिक इसके दौरान नशा, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार तीन प्रमुख मुद्दे रहेंगे। पार्टी का कहना है कि इन मुद्दों पर अलग-अलग इलाकों में लोगों से संवाद किया जाएगा।

पंजाब BJP ने राज्य की AAP सरकार पर नशे की समस्या को लेकर सवाल उठाए हैं। प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक पार्टी का उद्देश्य युवाओं और परिवारों को नशे के खिलाफ अभियान से जोड़ना है। BJP ने इसे आगामी 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले बड़े जनसंपर्क अभियान के तौर पर भी आगे बढ़ाया है।

हालांकि BJP इस अभियान को जन आंदोलन बताती है, वहीं चुनावी संदर्भ में इसका राजनीतिक महत्व भी है। पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए राज्य की सभी 117 सीटों पर अपनी गतिविधियां बढ़ाने की बात कही है।

BJP नेताओं ने AAP सरकार पर लगाए आरोप

कार्यक्रम और यात्रा को लेकर BJP नेताओं ने पंजाब की मौजूदा सरकार पर भी निशाना साधा। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने नशा तस्करी और जेल व्यवस्था को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गैंगस्टरों से जुड़े लोगों को राजनीतिक संरक्षण मिलने के आरोप भी लगाए।

ये BJP नेताओं के राजनीतिक आरोप हैं। इन दावों को लेकर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और अलग-अलग मामलों की आधिकारिक जांच के निष्कर्ष अलग विषय हैं। समाचार रिपोर्टिंग में इन आरोपों को उसी रूप में देखना जरूरी है।

BJP प्रदेश अध्यक्ष ने इससे पहले भी राज्य सरकार पर नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे। पार्टी का कहना है कि नशे से प्रभावित परिवारों की आवाज को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

100 से ज्यादा वाहनों के काफिले से होगा प्रचार

यात्रा के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के वाहनों के काफिले भी अलग-अलग मार्गों पर चलेंगे। पंजाब BJP के मुताबिक मुख्य नेता रथ में रहेंगे और संबंधित जिलों के वाहन उनके पीछे चलेंगे।

यात्रा का रूट पंजाब के माझा, दोआबा और मालवा क्षेत्रों को कवर करने के लिए तैयार किया गया है। पठानकोट से शुरू होने वाला पहला मार्ग अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और कपूरथला होते हुए जालंधर क्षेत्र तक पहुंचेगा। अन्य तीन यात्राएं भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों से गुजरेंगी।

BJP ने यात्रा के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन से भी सहयोग मांगा था। पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के DGP से मुलाकात कर यात्रा मार्गों पर पर्याप्त सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की मांग की थी।

2027 चुनाव से पहले BJP का बड़ा राज्यव्यापी अभियान

पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ऐसे में 117 सीटों और करीब 4,000 किलोमीटर के रूट वाली यह यात्रा BJP के लिए राज्यव्यापी जनसंपर्क का बड़ा कार्यक्रम है।

नशे का मुद्दा पंजाब की राजनीति में लंबे समय से प्रमुख रहा है। BJP इसे परिवारों की चिंताओं और कानून-व्यवस्था के मुद्दों से जोड़कर जनता के बीच ले जा रही है। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ AAP और अन्य दलों की ओर से नशे की समस्या से निपटने को लेकर अलग-अलग नीतियां और राजनीतिक दावे सामने आते रहे हैं।

फिलहाल इस यात्रा के जरिए BJP का फोकस एक तरफ नशे से प्रभावित परिवारों की आवाज उठाने और दूसरी तरफ अपने संगठनात्मक अभियान को राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों तक ले जाने पर है। 30 सितंबर को जालंधर में होने वाला समापन कार्यक्रम इस अभियान का अगला बड़ा राजनीतिक पड़ाव होगा।

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