चन्नी-वड़िंग की गुटबाजी के बीच बाजवा की राहुल से मुलाकात की कोशिश, पंजाब में BJP का बड़ा ऐलान
पंजाब कांग्रेस में बढ़ती अंदरूनी खींचतान के बीच प्रताप सिंह बाजवा समेत कांग्रेस विधायकों ने राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांगा है। वहीं BJP ने सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है और अमृतपाल सिंह की पार्टी ने इंदिरा गांधी हत्याकांड के दोषी के बेटे को टिकट दिया है।
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। एक तरफ कांग्रेस के भीतर वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश नेतृत्व के बीच मतभेद की चर्चा है, तो दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। इसी बीच अकाली दल के एक पूर्व विधायक का BJP में शामिल होना और अमृतपाल सिंह की पार्टी की ओर से अपने पहले उम्मीदवार के नाम का ऐलान भी चर्चा में है।
राहुल गांधी से मिलना चाहते हैं कांग्रेस विधायक
पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पार्टी के विधायकों के साथ बैठक की है। इसके बाद कांग्रेस विधायकों की ओर से राहुल गांधी से मुलाकात के लिए पत्र भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पत्र में किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विधायक पंजाब कांग्रेस के मौजूदा राजनीतिक हालात पर राहुल गांधी से चर्चा करना चाहते हैं। खासतौर पर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के समर्थक खेमों के बीच चल रही खींचतान को लेकर पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी बात रखने की कोशिश बताई जा रही है।
प्रताप सिंह बाजवा के दिल्ली पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, संसद के मॉनसून सत्र के चलते राहुल गांधी से मुलाकात के लिए अभी पार्टी आलाकमान की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है।
दूसरी तरफ, वड़िंग खेमे की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि ऐसी बैठक से फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, क्योंकि पार्टी नेतृत्व पहले ही अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर भरोसा जता चुका है।
BJP का अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान
पंजाब की चुनावी राजनीति में BJP ने भी अपनी रणनीति स्पष्ट करने की कोशिश की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने मंगलवार को चंडीगढ़ में कहा कि BJP राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।
यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल के बीच मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात के बाद BJP और अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई थीं।
ऐसे में BJP की ओर से सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा ने गठबंधन की संभावनाओं पर फिलहाल सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में पार्टी अपने उम्मीदवारों और चुनावी रणनीति को लेकर क्या रुख अपनाती है, इस पर भी नजर रहेगी।
अकाली दल के पूर्व विधायक BJP में शामिल
इसी राजनीतिक हलचल के बीच अकाली दल के पूर्व विधायक दर्शन सिंह कोटफट्टा ने BJP का दामन थाम लिया। पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर भटिंडा से BJP के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुकीं परमपाल कौर भी मौजूद थीं।
दर्शन सिंह कोटफट्टा का BJP में जाना पंजाब की क्षेत्रीय राजनीति में पार्टी के विस्तार की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
अमृतपाल की पार्टी ने घोषित किया पहला उम्मीदवार
पंजाब की राजनीति में सबसे ज्यादा चर्चा अमृतपाल सिंह से जुड़ी पार्टी अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के उम्मीदवार के ऐलान को लेकर है। पार्टी ने बस्सी पठाना विधानसभा सीट से सतवंत सिंह को उम्मीदवार बनाया है।
सतवंत सिंह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए केहर सिंह के बेटे हैं। उम्मीदवार के नाम का ऐलान अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने किया।
तरसेम सिंह ने उम्मीदवार घोषित करने के दौरान पार्टी की राजनीतिक सोच का जिक्र करते हुए कहा कि संगठन की राजनीति केवल सत्ता हासिल करने तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, पार्टी पंजाब के अधिकारों, पंथक सिद्धांतों और सिख समुदाय के लिए बलिदान देने वाले परिवारों के सम्मान जैसे मुद्दों को भी अपनी राजनीति का हिस्सा मानती है।
चुनाव से पहले कई मोर्चों पर मुकाबला
पंजाब की मौजूदा राजनीतिक तस्वीर में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान, BJP की विस्तारवादी रणनीति, अकाली दल से जुड़े नेताओं का दल-बदल और वारिस पंजाब दे की चुनावी सक्रियता अलग-अलग राजनीतिक संकेत दे रही है।
आने वाले चुनाव में इन घटनाक्रमों का कितना असर पड़ेगा, यह अभी कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन इतना साफ है कि चुनावी तैयारी के साथ-साथ पार्टियों के भीतर और उनके बीच राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।