मदुरै नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोपों पर बोले निर्मलकुमार, "दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई"

By  Preeti Kamal June 6th 2026 06:00 PM -- Updated: June 6th 2026 04:49 PM

मदुरै, तमिलनाडु: तमिलनाडु के मंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के संयुक्त महासचिव सीटीआर निर्मल कुमार ने शनिवार को कहा कि मदुरै नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार के मामलों की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी गई है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए निर्मलकुमार ने कहा, "मदुरै नगर निगम में भ्रष्टाचार का मामला सभी को पता है। जिला कलेक्टर और नव नियुक्त नगर आयुक्त ने कार्यभार संभाल लिया है। जल्द ही वे अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर आगे की कार्रवाई करेंगे।" उन्होंने कहा कि स्थिति का नए सिरे से व्यापक मूल्यांकन करने पर चर्चा शुरू हो चुकी है।

व्यापक स्तर पर जांच और मूल्यांकन किया जाएगा- निर्मल कुमार

निर्मल कुमार ने कहा, "आज हमने पूरे मामले की नए सिरे से समीक्षा करने पर चर्चा की है। व्यापक स्तर पर जांच और मूल्यांकन किया जाएगा तथा जो भी व्यक्ति नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।" उन्होंने आगे कहा कि जिला कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त आपसी विचार-विमर्श के बाद आगे की रणनीति तय करेंगे।

उन्होंने कहा, "हम सभी मामलों की दोबारा समीक्षा करने को मजबूर हैं क्योंकि सामने आए उल्लंघन बेहद गंभीर हैं। सरकार को कथित तौर पर कई सौ करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। यह पता लगाना जरूरी है कि यह नुकसान किन वर्षों में हुआ और इसके पीछे क्या कारण थे। ऐसे मामलों को जारी नहीं रहने दिया जा सकता।"

गड़बड़ी सामने आने पर दर्ज होगा मामला, होगी कार्रवाई

निर्मल कुमार ने बताया कि जिला कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त संयुक्त रूप से एक रिपोर्ट जारी करेंगे। इसके बाद जहां भी गड़बड़ी सामने आएगी, वहां आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "अगले कुछ दिनों में परामर्श प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला कलेक्टर और आयुक्त संयुक्त रिपोर्ट जारी करेंगे। इसके बाद जांच को तेजी से पूरा किया जाएगा और जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां आपराधिक मुकदमे दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाएगी।"

खनन और खदानों के मुद्दे पर निर्मलकुमार ने कहा कि यह पता लगाया जाएगा कि वर्तमान में कितनी खदानें संचालित हैं और कितनी बंद हो चुकी हैं। उन्होंने कहा, "यदि कोई खदान एक-दो वर्ष पहले बंद भी हो गई हो, तब भी उसमें हुए संभावित उल्लंघनों की जांच की जाएगी। प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन करने वाले किसी भी व्यक्ति को जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाएगा।"

नियमों के उल्लंघन की पहचान करने के दिए गए निर्देश

निर्मलकुमार ने बताया कि खान विभाग को पिछले सात से आठ वर्षों के दौरान संचालित सभी खदानों की जांच करने और नियमों के उल्लंघन की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, "विभाग ने सक्रिय और बंद दोनों प्रकार की खदानों का व्यापक मूल्यांकन शुरू कर दिया है। जिन खदानों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"

उन्होंने दावा किया कि सभी अवैध खदानों को बंद कर दिया गया है और हाल के दिनों में कई खदानों का संचालन निलंबित किया गया है। निर्मल कुमार ने कहा, "अवैध खनन गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। रेत, बजरी और अन्य खनिज संसाधनों के अवैध उत्खनन को भी बंद कर दिया गया है। यह कार्रवाई पहले ही शुरू हो चुकी है।"

सीवेज निकासी की समस्या पर दिया ज़ोर

मदुरै जिले में सीवेज निकासी की समस्या पर उन्होंने कहा कि जल निकासी व्यवस्था के सुधार और पुनर्विकास के लिए परियोजनाओं का अध्ययन शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा, "बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को पूरा होने में वर्षों लग सकते हैं, लेकिन वर्तमान में कई क्षेत्रों के लोग गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इसलिए अस्थायी समाधान तलाशे जा रहे हैं ताकि गंदे पानी की निकासी की जा सके।"

उन्होंने बताया कि नगर निगम अधिकारियों को अस्थायी राहत योजनाओं का अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। अगले कुछ सप्ताह में अध्ययन पूरा होने के बाद इन योजनाओं को लागू करने की सिफारिश की जाएगी।

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