भूल गए पुराना निवेश? इन 4 सरकारी पोर्टल्स से घर बैठे वापस पा सकते हैं अपना पैसा
अगर बैंक एफडी, इंश्योरेंस, म्यूचुअल फंड या शेयरों में किया गया आपका निवेश अनक्लेम्ड (Unclaimed) रह गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं। सरकार और रेगुलेटरी संस्थाओं के पोर्टल्स के जरिए आप अपने पुराने निवेश की जानकारी हासिल कर उसे वापस क्लेम कर सकते हैं।
अक्सर लोग वर्षों पहले बैंक में एफडी कराते हैं, इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते हैं, म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं या शेयर खरीदकर भूल जाते हैं। कई बार नौकरी बदलने, पता बदलने, दस्तावेज खो जाने या परिवार को जानकारी न होने की वजह से करोड़ों रुपये अनक्लेम्ड (Unclaimed) रह जाते हैं।
अगर आपको भी लगता है कि आपका या आपके परिवार का कोई पुराना निवेश कहीं फंसा हुआ है, तो अब उसे ढूंढना पहले से काफी आसान हो गया है। सरकार और विभिन्न वित्तीय नियामकों ने ऐसे कई ऑनलाइन पोर्टल शुरू किए हैं, जहां कुछ आसान जानकारी भरकर आप अपने निवेश का पता लगा सकते हैं और उसे वापस पाने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
1. बैंक डिपॉजिट के लिए UDGAM पोर्टल
अगर आपने किसी बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), सेविंग अकाउंट या अन्य जमा राशि छोड़ी थी और लंबे समय से उसका उपयोग नहीं किया है, तो सबसे पहले UDGAM Portal पर जानकारी खोज सकते हैं।
यह पोर्टल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पहल है, जहां विभिन्न बैंकों में मौजूद अनक्लेम्ड डिपॉजिट की जानकारी एक ही जगह मिल सकती है।
अगर आपके नाम पर कोई राशि मिलती है, तो संबंधित बैंक में जरूरी दस्तावेज जमा करके उसे क्लेम किया जा सकता है।
2. इंश्योरेंस का पैसा ऐसे खोजें
अगर आपको संदेह है कि आपके नाम या परिवार के किसी सदस्य के नाम पर कोई पुरानी बीमा पॉलिसी है, तो BIMA Bharosa पोर्टल आपकी मदद कर सकता है।
यहां पॉलिसी से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद यदि किसी प्रकार की समस्या आती है या क्लेम नहीं मिल रहा हो, तो इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिकायत भी दर्ज की जा सकती है।
इससे पुराने और अनक्लेम्ड इंश्योरेंस क्लेम तक पहुंचना आसान हो जाता है।
3. म्यूचुअल फंड निवेश के लिए MITRA पोर्टल
कई निवेशक अलग-अलग एएमसी (AMC) में निवेश करने के बाद उसका रिकॉर्ड खो देते हैं। ऐसे मामलों में MITRA पोर्टल उपयोगी साबित हो सकता है।
यह प्लेटफॉर्म निवेशकों को विभिन्न म्यूचुअल फंड निवेशों की जानकारी खोजने में सहायता करता है।
अगर आपके नाम पर कोई निवेश मिलता है, तो संबंधित एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) से संपर्क कर KYC अपडेट और आवश्यक दस्तावेज जमा करके निवेश को दोबारा सक्रिय या रिडीम कराया जा सकता है।
4. शेयर और डिविडेंड के लिए IEPF Portal
अगर आपने वर्षों पहले शेयर खरीदे थे या किसी कंपनी का डिविडेंड क्लेम नहीं किया था, तो वह राशि Investor Education and Protection Fund (IEPF) में ट्रांसफर हो सकती है।
ऐसी स्थिति में सबसे पहले IEPF पोर्टल पर जाकर अपने शेयर और अनक्लेम्ड डिविडेंड की जानकारी जांचें।
यदि आपका दावा सही पाया जाता है, तो IEPF-5 Form भरकर शेयर और डिविडेंड वापस पाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
दस्तावेज रखें तैयार
इन सभी पोर्टल्स पर क्लेम करते समय आमतौर पर कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है, जैसे—
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- बैंक खाता विवरण
- मोबाइल नंबर
- निवेश से जुड़े पुराने दस्तावेज (यदि उपलब्ध हों)
- KYC दस्तावेज
क्यों जरूरी है समय-समय पर निवेश की समीक्षा?
वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर साल अपने सभी निवेशों की समीक्षा जरूर करनी चाहिए। साथ ही परिवार के सदस्यों को भी अपने निवेश की जानकारी देनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई राशि अनक्लेम्ड न रह जाए।
डिजिटल प्लेटफॉर्म आने के बाद पुराने निवेशों की जानकारी प्राप्त करना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। यदि आपने कभी बैंक, बीमा, म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार में निवेश किया है, तो एक बार इन पोर्टल्स पर जानकारी जरूर जांचें। संभव है कि वर्षों पुराना भूला हुआ निवेश आज आपके लिए बड़ी राहत साबित हो जाए।