लखनऊ कोचिंग सेंटर में भीषण आग, कई बच्चों की मौत, मुख्यमंत्री योगी ने लिया तत्काल संज्ञान

उषा मेहता मार्ग स्थित निजी कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर तैनात; मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को घटनास्थल पहुंचकर विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

By  Laxman June 22nd 2026 05:56 PM

लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब उषा मेहता मार्ग स्थित बी/2 सेक्टर-डी में संचालित एक निजी कोचिंग संस्थान में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय कोचिंग संस्थान में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे, जिसके चलते इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के कुछ ही मिनटों में धुएं का घना गुबार पूरे भवन में फैल गया। छात्रों और कर्मचारियों ने बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता और धुएं की वजह से कई लोग अंदर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही फायर विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर

फायर ब्रिगेड की टीमों ने आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास शुरू किए। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें भी तत्काल मौके पर पहुंच गईं। आसपास की इमारतों और प्रतिष्ठानों को एहतियातन खाली कराया गया ताकि किसी और अप्रिय घटना को रोका जा सके।

राहत कार्य के दौरान कई छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि कुछ घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। प्रशासन ने अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखते हुए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान

घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री उस समय अलीगढ़ के दौरे पर थे, लेकिन हादसे की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने अपना कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर लखनऊ लौटने का निर्णय लिया।

अलीगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अभी-अभी लखनऊ में हुए अग्निकांड की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि इस हादसे में कुछ बच्चों के प्रभावित होने और जान गंवाने की सूचना प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।

उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा गया

मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और अपर मुख्य सचिव गृह सहित वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हादसे की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द से जल्द सरकार को सौंपने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने, घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से राहत कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने को भी कहा है।

आग लगने के कारणों की जांच शुरू

फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट या विद्युत उपकरणों में तकनीकी खराबी की जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।

फायर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भवन की संरचना, सुरक्षा मानकों और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता की भी जांच की जाएगी। यदि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित संस्थान प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कोचिंग सेंटरों और निजी शिक्षण संस्थानों में नियमित फायर ऑडिट, आपातकालीन निकास मार्ग और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भवन में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होती तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। अब प्रशासन इस बात की भी जांच करेगा कि संस्थान के पास आवश्यक अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र मौजूद थे या नहीं।

पूरे प्रदेश में शोक की लहर

हादसे की खबर फैलते ही पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की है तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

लखनऊ का यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि सार्वजनिक भवनों और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कितना आवश्यक है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस त्रासदी के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

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