मायावती ने कांशीराम के जन्मदिन पर अर्पित की श्रद्धांजलि, कहा-, 'उनका जीवन समाज सुधार के लिए समर्पित रहा'
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने रविवार को लखनऊ में पार्टी के संस्थापक कांशीराम को उनके जन्मदिवस पर पुष्पांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया X पर पोस्ट में मायावती ने लिखा कि कांशी राम ने अपना पूरा जीवन डॉक्टर बी. आर. अंबेडकर के आदर्शों और आंदोलन को आगे बढ़ाने के मिशन को समर्पित किया।
उन्होंने कहा, “बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक और निर्माता, पूज्य श्री कांशीराम जी के जन्मदिवस के अवसर पर मैं अपनी नेतृत्व टीम के साथ उनके अनुयायियों की ओर से पूरे उत्तर प्रदेश और देशभर में सौ नमन और असीम श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।”
कांशीराम का जीवन और योगदान
कांशीराम का जन्म 15 मार्च 1934 को पंजाब में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन को समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाने और बहुजन समाज को ऊँचाईयों तक पहुँचाने के लिए समर्पित कर दिया।
बचपन से ही कांशीराम ने उत्पीड़ित समुदायों के प्रति गहरी सहानुभूति और करुणा दिखाई। उन्होंने जाति व्यवस्था द्वारा बनाए गए असमानताओं को पहचाना और संगठित राजनीतिक कार्रवाई के माध्यम से स्थिति को बदलने का संकल्प लिया।
1984 में बसपा की स्थापना
1984 में कांशीराम ने बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की। उनका उद्देश्य था कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और धार्मिक अल्पसंख्यकों को एकजुट करके एक मजबूत राजनीतिक शक्ति बनाई जाए।

समानता और न्याय के आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया
कांशीराम ने समाजिक परिवर्तन और आर्थिक स्वतंत्रता के कार्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता कभी नहीं छोड़ी। उन्होंने बहुजन समुदायों में लगातार समर्थन जुटाया और लाखों लोगों को समानता और न्याय के आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। उनकी दूरदर्शिता और संघर्ष ने भारत में समाजिक न्याय और राजनीतिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में स्थायी छाप छोड़ी।