हरदोई, उत्तर प्रदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। यह भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक है, जो मेरठ को प्रयागराज से जोड़ती है और इसे 3.5 साल से भी कम समय में पूरा किया गया। लंबे समय से पूर्वी उत्तर प्रदेश अपनी जनसंख्या और आर्थिक क्षमता के बावजूद विकास से पीछे रहा है।
यह एक्सप्रेसवे बेहतर कनेक्टिविटी, दूरी में कमी और विकास कॉरिडोर से जोड़कर इस क्षेत्र की संभावनाओं को नई दिशा देगा। इस परियोजना से यात्रा समय लगभग 11 घंटे से घटकर करीब 6 घंटे रह जाएगा और पूरे राज्य में नए आर्थिक अवसर खुलेंगे। एक्सप्रेसवे पर AI आधारित कैमरा सिस्टम लगाए गए हैं, जो सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाएंगे।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi inaugurates the Ganga Expressway in Hardoi district, Uttar PradeshThe Ganga Expressway in Hardoi district. The Ganga Expressway is a 594-kilometre-long, 6-lane (expandable to 8 lanes), access-controlled greenfield high-speed corridor, built… pic.twitter.com/aU1KpcqMgD
— ANI (@ANI) April 29, 2026
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3.5 किमी लंबा इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप बनाया गया
भारतीय वायु सेना के लिए शाहजहांपुर जिले में 3.5 किमी लंबा इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप (ELF) भी बनाया गया है, जिससे इस कॉरिडोर की रणनीतिक क्षमता बढ़ेगी। यह छह-लेन एक्सप्रेसवे (आठ लेन तक विस्तार योग्य) 12 जिलों को जोड़ता है और बाजार, स्वास्थ्य, शिक्षा व पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान करेगा। इससे लोगों को जरूरी सेवाओं तक जल्दी पहुंच मिलेगी और व्यवसायों को बाजार से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

अगले 10 वर्षों में लगभग 3 लाख नौकरियां होंगी
अदानी रोड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड ने इस परियोजना का लगभग 464 किमी (करीब 80%) हिस्सा विकसित किया, जबकि शेष हिस्सा IRB Infrastructure द्वारा तैयार किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे हर साल 25,000-30,000 करोड़ रुपये की लॉजिस्टिक्स बचत करेगा, अगले 10 वर्षों में लगभग 3 लाख नौकरियां पैदा करेगा और राज्य के GDP में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का योगदान देगा।

इस कॉरिडोर से व्यापार को मजबूती मिलेगी
यह कॉरिडोर कृषि उत्पादों और माल के तेज परिवहन को सक्षम बनाकर व्यापार को मजबूत करेगा। किसानों और छोटे व्यापारियों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने में मदद मिलेगी। यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज और वाराणसी जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच को आसान बनाकर धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। करीब 8 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाने वाला यह प्रोजेक्ट राज्य में कनेक्टिविटी सुधारने, यात्रा समय घटाने और आर्थिक विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगा।