ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश: गौतम बुद्ध नगर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) ने मंगलवार को बताया कि हालिया मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि कई लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का “दुरुपयोग” कर अफवाहें और गलत जानकारी फैला रहे थे।
पत्रकारों से बात करते हुए एसीपी राजीव नारायण मिश्रा ने कहा, “हमने 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। कुछ लोग सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर रहे थे, अफवाहें फैला रहे थे और गलत जानकारी दे रहे थे। कुछ लोग नए बनाए गए व्हाट्सएप बॉट्स और ट्विटर के जरिए भ्रामक सूचनाएं फैला रहे थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।"
#WATCH | Greater Noida, UP | Additional CP (Law & Order) Rajeev Narain Mishra says, "...We arrested over 350 people. Some were misusing social media, spreading rumours, and providing false information. Some were spreading misleading information through newly created WhatsApp bots… pic.twitter.com/bkx1vKHUD1
— ANI (@ANI) April 14, 2026
आज कई कंपनियों में मजदूर काम पर लौटे
इसके आगे एसीपी मिश्रा ने कहा कि आज कई कंपनियों में मजदूर काम पर लौट रहे हैं। कुछ जगहों पर मजदूर अपनी मांगों को लेकर आए, हमने उनसे धैर्यपूर्वक बातचीत की और समझाया। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसने सोमवार को मौके का दौरा कर स्थिति का आकलन किया।
#WATCH | Noida, Uttar Pradesh: Employees of a company stage a sit-in protest outside the company in Noida's Phase 2 area. The employees are protesting for various demands, including a salary increase. Police personnel are present at the spot to control the situation. pic.twitter.com/lfLW7mQppP
— ANI (@ANI) April 14, 2026
मजदूरी बढ़ाने की घोषणा के बावजूद मजदूरों का प्रदर्शन जारी
मंगलवार को भी नोएडा के फेज-2 स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स में मजदूरों का प्रदर्शन जारी रहा, जबकि राज्य सरकार ने मजदूरी बढ़ाने की घोषणा कर दी है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मजदूर न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। सोमवार को प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब पुलिस के साथ झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और वाहनों में आग लगा दी। इस घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं।
#WATCH | Uttar Pradesh: Aftermath of the violent protest by employees of Motherson company in Noida Phase 2. They were protesting over their salary increment demands. Visuals from the spot. During the protest, vehicles and properties were damaged, and stone pelting took… pic.twitter.com/aCKhNZXNF3
— ANI (@ANI) April 13, 2026
Police vehicles were torched and flipped upside down as workers seized the streets in Noida, after days of protests over poverty wages erupted into direct confrontation. pic.twitter.com/FX0S2ktKig
— comra (@comrawire) April 13, 2026
यह प्रदर्शन श्रमिकों की व्यापक आर्थिक परेशानियों का प्रतीक- राहुल गांधी
इस बीच, प्रदर्शन कर रहे मजदूरों के समर्थन में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इसे श्रमिकों की व्यापक आर्थिक परेशानियों का प्रतीक बताया। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “नोएडा की सड़कों पर जो कल हुआ, वह इस देश के मजदूरों की अंतिम पुकार थी—जिसकी हर आवाज अनसुनी कर दी गई। नोएडा में एक मजदूर ₹12,000 महीना कमाता है, जबकि किराया ₹4,000-7,000 तक है। जब उसे साल में ₹300 की बढ़ोतरी मिलती है, तो मकान मालिक हर साल ₹500 किराया बढ़ा देता है।”
कल नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वो इस देश के श्रमिकों की आख़िरी चीख़ थी - जिसकी हर आवाज़ को अनसुना किया गया, जो मांगते-मांगते थक गया।नोएडा में काम करने वाले एक मज़दूर की ₹12,000 महीने की तनख्वाह,₹4,000-7,000 किराया। जब तक ₹300 की सालाना बढ़ोतरी मिलती है, मकान मालिक ₹500…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 14, 2026