राम यंत्र स्थापना से हर सच्चे भारतीय को गर्व: योगी आदित्यनाथ...
अयोध्या, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर के पूर्ण होने के अवसर पर ‘राम यंत्र’ की स्थापना हर सनातन धर्म के अनुयायी और हर सच्चे भारतीय को गर्व और खुशी से भर देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर में ‘राम यंत्र’ की स्थापना भारत की आस्था का प्रतीक है। यह यंत्र मंदिर की दूसरी मंजिल पर स्थापित किया गया है, जो इसकी अंतिम संरचना को दर्शाता है और पूर्णता का प्रतीक माना जा रहा है।
आस्था को अंधविश्वास कहकर किया गया अपमान
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले भारत की आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया जाता था। उन्होंने कहा, “यह वही आस्था है जिसे पहले अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया। लेकिन वर्षों के संघर्ष के बावजूद लोगों की श्रद्धा कभी डगमगाई नहीं और न ही झुकी।”
राम मंदिर बना राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राम जन्मभूमि राम जन्मभूमि मंदिर अब सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत के “राष्ट्रीय मंदिर” का प्रतीक बन चुका है, जो देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को दर्शाता है।
नई पीढ़ी की भक्ति की सराहना
मुख्यमंत्री ने भारत की नई पीढ़ी की भी सराहना करते हुए कहा कि आज का युवा सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “नई पीढ़ी अब नए साल का जश्न मनाने के लिए पर्यटन स्थलों की बजाय मंदिरों में जा रही है।”
राष्ट्रपति ने की ‘राम यंत्र’ की स्थापना
इस अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में ‘राम यंत्र’ की स्थापना की। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे।
पूरी अयोध्या में उत्सव का माहौल
इस विशेष अवसर पर अयोध्या शहर को भव्य रूप से सजाया गया है। मुख्य मार्गों, चौराहों और मंदिर तक जाने वाले रास्तों पर बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री की तस्वीरें प्रमुखता से दिखाई दे रही हैं।
सड़कों को केसरिया झंडों और सजावटी पताकाओं से सजाया गया है, जिससे पूरे शहर में धार्मिक और उत्सवी माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने सुरक्षा, स्वच्छता और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए हैं।