साक्षरता कर्मियों का बकाया मानदेय मिलेगा, योगी सरकार ने 64 जिलों को जारी किए करीब ₹397.19 करोड़

साक्षर भारत योजना में काम कर चुके कार्मिकों का बकाया मानदेय अब मिल सकेगा। योगी सरकार ने इसके लिए प्रदेश के 64 जिलों को लगभग ₹397.19 करोड़ की धनराशि आवंटित की है।

By  Mangala Tiwari November 2nd 2026 06:28 PM

लखनऊ:  साक्षर भारत योजना में काम कर चुके कार्मिकों का बकाया मानदेय अब मिल सकेगा। योगी सरकार ने इसके लिए प्रदेश के 64 जिलों को लगभग ₹397.19 करोड़ की धनराशि आवंटित की है। इस राशि से योजना के तहत तैनात रहे जिला एवं ब्लॉक समन्वयकों और प्रेरकों को उनका अवशेष मानदेय दिया जाएगा, जिनका भुगतान वर्षों से लंबित चल रहा था। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि भुगतान तय प्रक्रिया और वित्तीय अनुशासन के तहत हो, और सत्यापन व समयसीमा का पूरा पालन किया जाए।


यह आदेश राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के निदेशक एवं सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने जारी किया है। आदेश के अनुसार यह धनराशि उन साक्षरता कर्मियों के लिए है, जो साक्षर भारत योजना में 31 मार्च 2018 तक कार्यरत रहे। प्रेरकों को ₹2,000 प्रतिमाह के हिसाब से भुगतान होगा। जिला/ब्लॉक समन्वयकों को ₹6,000 प्रतिमाह के हिसाब से भुगतान होगा।


सत्यापन के बाद ही होगा भुगतान:


मानदेय देने से पहले हर कार्मिक की वास्तविक उपस्थिति, उसके किए गए कार्यों और अभिलेखों की जांच की जाएगी। जिला स्तर पर मौजूद ऑडिट रिपोर्ट और दूसरे अभिलेखों के आधार पर तय होगा कि किसका कितना बकाया है। आदेश में साफ कहा गया है कि आवंटित राशि सिर्फ निर्धारित मद में ही खर्च होगी। इसे किसी दूसरे मद में नहीं लगाया जा सकेगा।


31 दिसंबर तक खर्च करनी होगी राशि:


जनपदों को यह धनराशि 31 दिसंबर 2026 तक निर्धारित वित्तीय नियमों के तहत खर्च करनी होगी। खर्च का ब्योरा और उपयोगिता प्रमाण-पत्र 5 जनवरी 2027 तक निदेशालय को भेजना होगा। भुगतान सीधे बैंक खाते के जरिए किया जाएगा। आदेश में यह भी तय किया गया है कि अगर कोई वित्तीय अनियमितता होती है, तो उसकी जवाबदेही संबंधित जनपदीय अधिकारियों की होगी।


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