नोएडा-गाजियाबाद में मजदूरों की सैलरी 21% बढ़ी, यूपी सरकार का बड़ा फैसला, 1 अप्रैल से लागू

By  Preeti Kamal April 14th 2026 12:05 PM -- Updated: April 14th 2026 11:25 AM

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति ने मंगलवार को गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में श्रमिकों के लिए अंतरिम न्यूनतम मजदूरी में लगभग 21% की वृद्धि की है। यह फैसला नोएडा फेज-2 में हुए बड़े श्रमिक विरोध प्रदर्शन के बाद लिया गया।

नोएडा डीएम कार्यालय के अनुसार, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में असंगठित (अकुशल) श्रमिकों की मासिक मजदूरी ₹11,313 से बढ़ाकर ₹13,690 कर दी गई है। अर्ध-कुशल श्रमिकों की मजदूरी ₹12,445 से बढ़ाकर ₹15,059 और कुशल श्रमिकों की मजदूरी ₹13,940 से बढ़ाकर ₹16,868 कर दी गई है। ये अंतरिम दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी।

अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों में वर्गीकृत

नगर निगम वाले जिलों में अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी ₹13,006, अर्ध-कुशल के लिए ₹14,306 और कुशल श्रमिकों के लिए ₹16,025 प्रति माह निर्धारित की गई है। अन्य जिलों में अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों की मजदूरी क्रमशः ₹12,356, ₹13,591 और ₹15,224 प्रति माह कर दी गई है।


 वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति बनाई गई

राज्य के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने कहा कि सरकार द्वारा गठित समिति श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए उनसे बातचीत कर रही है। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश का आरोप भी लगाया।

अपने बयान में मंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति बनाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तत्वों ने अफवाहें फैलाकर श्रमिकों को भड़काने का काम किया। सरकार की ओर से कहा गया है कि समिति श्रमिक संगठनों, उद्योग समूहों और अन्य सभी पक्षों के साथ बातचीत कर रही है और जल्द ही इस मुद्दे का संतुलित समाधान निकाला जाएगा।

₹20,000 न्यूनतम मजदूरी की खबर भ्रामक

इस बीच, नोएडा डीएम ने सोशल मीडिया पर चल रही ₹20,000 न्यूनतम मजदूरी की खबर को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है। सरकारी बयान के अनुसार, केंद्र सरकार देशभर में एक समान न्यूनतम “फ्लोर वेज” लागू करने की प्रक्रिया में है, ताकि सभी राज्यों में श्रमिकों को उचित वेतन मिल सके।

वेतन बोर्ड के गठन के बाद न्यूनतम मजदूरी की प्रक्रिया शुरू होगी

बयान में यह भी कहा गया है कि उद्योग वर्तमान में वैश्विक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, कच्चे माल की कीमतें बढ़ी हैं और निर्यात में गिरावट आई है। वहीं, श्रमिकों की मांगें भी महत्वपूर्ण और विचारणीय हैं, इसलिए दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाकर निर्णय लेना जरूरी है। 

सरकार ने स्पष्ट किया कि सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए अंतरिम रूप से न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई जा रही है। अगले महीने वेतन बोर्ड के गठन के बाद स्थायी न्यूनतम मजदूरी तय करने की प्रक्रिया शुरू होगी। 

नोएडा के फेज़ 2 में प्रदर्शनकारी आज फिर से जमा

वेतन वृद्धि की मांग को लेकर कल हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद, आज नोएडा के फेज़ 2 में प्रदर्शनकारी फिर से जमा हो गए और उन्होंने पत्थरबाज़ी की। हालात को काबू में करने के लिए यहाँ पुलिस तैनात की गई है। प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया जा रहा है।

केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें- मुख्यमंत्री योगी

इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। साथ ही उन्होंने नियोक्ता संगठनों से श्रमिकों को समय पर वेतन, ओवरटाइम भुगतान, साप्ताहिक अवकाश, बोनस और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, विशेषकर महिला श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान पर जोर दिया। यह निर्णय नोएडा फेज-2 में श्रमिकों के बड़े प्रदर्शन के बाद लिया गया, जो पुलिस के साथ झड़प के चलते हिंसक हो गया था।

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