प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: वट सावित्री व्रत के अवसर पर प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां सुहागिन महिलाओं ने संगम घाट और शहर के विभिन्न स्थानों पर वट वृक्ष के नीचे पारंपरिक पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए। उत्तर प्रदेश से सामने आए दृश्यों में श्रद्धालुओं को संगम घाट पर पवित्र स्नान करते और उसके बाद फूल चढ़ाकर धार्मिक अनुष्ठान करते देखा गया।

रंग-बिरंगी साड़ियों में सजी विवाहित महिलाएं सजाए गए वट वृक्ष के चारों ओर एकत्रित होकर पवित्र धागा बांधती नजर आईं। उन्होंने फूल, फल और पूजा सामग्री अर्पित कर व्रत की परंपराओं का पालन किया।

बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए

तेज धूप के बीच संगम तट और आसपास के पूजा स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सामूहिक रूप से इस पर्व में शामिल हुए। वट सावित्री व्रत एक प्रमुख हिंदू पर्व है, जिसे मुख्य रूप से विवाहित महिलाएं अपने पति के स्वास्थ्य, लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं।

सावित्री-सत्यवान की पौराणिक कथा से जुड़ा है व्रत

यह व्रत सावित्री और सत्यवान की पौराणिक कथा से जुड़ा है, जिसमें मान्यता है कि सावित्री ने अपनी भक्ति और दृढ़ संकल्प से अपने पति सत्यवान को पुनर्जीवित कर लिया था। यह पर्व हिंदू पंचांग के ज्येष्ठ माह में मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा करती हैं, जिसे हिंदू परंपराओं में विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है।

गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के संगम स्थल के रूप में प्रसिद्ध संगम घाट भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है और यहां कुंभ मेले सहित बड़े धार्मिक आयोजन होते रहते हैं।