हैदराबाद, तेलंगाना: बीजेपी नेता प्रकाश रेड्डी ने शनिवार को विपक्ष द्वारा NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द किए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती थी, जबकि मौजूदा बीजेपी सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी।
मीडिया से बातचीत में प्रकाश रेड्डी ने जांच से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए कहा कि इस मामले में मुख्य आरोपी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने केंद्र सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि 2027 से NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों को “राजनीतिक बयानबाजी” करार दिया।
#WATCH | Hyderabad | On the NEET-UG paper leak controversy, BJP leader Prakash Reddy says, “In independent India, the exam papers of competitive exams were leaked many a time in different parts of the country, but no action was taken by the then Congress ruling. However, the… pic.twitter.com/VRMTUh0d2a
— ANI (@ANI) May 16, 2026
पहले भी पेपर लीक हुए, कांग्रेस ने नहीं की कोई कार्रवाई
प्रकाश रेड्डी ने कहा, “स्वतंत्र भारत में कई बार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, लेकिन उस समय की कांग्रेस सरकारों ने कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि भारत सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच शुरू की और मुख्य आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वह पुणे का रहने वाला है और फिलहाल जेल में है। सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले साल से परीक्षा ऑनलाइन मोड में कराई जाएगी ताकि पेपर लीक रोका जा सके। राहुल गांधी के राजनीतिक आरोपों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।”
राहुल गांधी ने की थी परीक्षा रद्द होने पर तल्ख टिप्पणी
प्रकाश रेड्डी की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला था। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए परीक्षा रद्द होने के बाद कथित तौर पर कुछ छात्रों की मौत की खबरों का जिक्र किया।
उन्होंने लिखा, “2015 से 2026 तक 148 परीक्षा घोटाले हुए। 87 परीक्षाएं रद्द हुईं और 9 करोड़ बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ।” राहुल गांधी ने जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों की जांच के बावजूद किसी को कड़ी सजा नहीं मिली।
राहुल गांधी ने कहा, “148 घोटालों में सिर्फ एक मामले में सजा हुई। सीबीआई ने 17 केस और ईडी ने 11 केस लिए, लेकिन किसी को सजा नहीं मिली।” राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि जवाबदेही तय करने के लिए और कितनी घटनाएं होने का इंतजार किया जाएगा।
21 जून को होगी NEET-UG की पुनर्परीक्षा
इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की कि NEET-UG की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी और अगले वर्ष से यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराई जाएगी, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
नहीं होगी इस बार परीक्षा में कोई गड़बड़ी- धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि इस बार परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी और सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा, “हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है। हम इस बार किसी भी प्रकार की धांधली नहीं होने देंगे। सरकार छात्रों के साथ खड़ी है। देशहित में हमें कठिन फैसला लेना पड़ा और हमें इसका दुख है।”
12 मई को परीक्षा रद्द करने का लिया गया फैसला
प्रेस कॉन्फ्रेंस में धर्मेंद्र प्रधान ने स्वीकार किया कि “गेस पेपर” के नाम पर प्रश्न बाहर गए थे। उन्होंने बताया कि 8 मई से सत्यापन प्रक्रिया शुरू हुई थी और चार दिनों तक जांच के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।