नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) 21 जून को NEET-UG की पुनर्परीक्षा आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अगले साल से परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराई जाएगी। धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि इस बार परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी और सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है।
उन्होंने कहा, “हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है और सरकार उनकी मेहनत और प्रयासों के प्रति संवेदनशील है। इस बार किसी भी तरह की धांधली नहीं होने दी जाएगी। सरकार आपके साथ है। देशहित में हमें कठिन फैसला लेना पड़ा और हमें इसका दुख है।” प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने स्वीकार किया कि “गेस पेपर” के नाम पर प्रश्नपत्र बाहर पहुंच गए थे।
सत्यापन प्रक्रिया 8 से 11 मई तक चली
शिक्षा मंत्री ने कहा, “गेस पेपर के नाम पर प्रश्न बाहर चले गए थे।” धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया 8 मई से शुरू हुई और 8 से 11 मई तक चली। इसके बाद 12 मई को केंद्र सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा, “जब हमें स्पष्ट हो गया कि इस बार पेपर लीक के आधार पर प्रश्न बाहर पहुंचे हैं, तब हमने छात्रों के हित में परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया। हम नहीं चाहते थे कि शिक्षा माफियाओं की साजिश के कारण कोई योग्य छात्र अपने अधिकार से वंचित हो।”
#WATCH | Delhi | On NEET re-examination, Union Education Minister Dharmendra Pradhan says, "The root cause of this was OMR and therefore, from the next year, the exam will be conducted in Computer-Based Test (CBT) mode..." pic.twitter.com/5BepLQD7CC
— ANI (@ANI) May 15, 2026
अनियमितताओं को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाए हुए है। उन्होंने बताया कि पिछली बार सामने आई गड़बड़ियों के बाद गठित राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को 2025 और 2026 के लिए पूरी तरह लागू किया गया था, लेकिन इसके बावजूद यह घटना हुई। उन्होंने कहा, “इसी कारण हमारा पहला निर्णय परीक्षा रद्द करना था।”
धर्मेंद्र प्रधान ने NTA का बचाव करते हुए कहा कि एजेंसी पूरी तरह जवाबदेह है। उन्होंने कहा, “NTA पूरी तरह जवाबदेह है। यह सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश पर बनाई गई संस्था है और हर साल करीब 1 करोड़ छात्रों की परीक्षाएं आयोजित करती है। हम NTA में शून्य त्रुटि सुनिश्चित करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को किसी एक संस्था की विफलता नहीं बल्कि परीक्षा प्रणाली की चुनौती के रूप में देखा जाना चाहिए।
आगामी परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा
शिक्षा मंत्री ने छात्रों की परीक्षा फीस लौटाने और आगामी परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं लेने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा, “छात्रों की फीस वापस की जाएगी और आगामी परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।” धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि अगले साल से NEET परीक्षा CBT मोड में आयोजित होगी ताकि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत किया जा सके और अनियमितताओं पर रोक लगे।
परीक्षा अवधि 15 मिनट बढ़ाई जाएगी
उन्होंने कहा कि NTA छात्रों को परीक्षा शहर दोबारा चुनने का विकल्प भी देगा। कई छात्र उस शहर से वापस जा चुके होंगे जहां उन्होंने पिछली परीक्षा दी थी। इसलिए NTA उन्हें एक सप्ताह का समय देगा ताकि वे अपना पसंदीदा परीक्षा शहर फिर से चुन सकें। केंद्रीय मंत्री ने यह भी घोषणा की कि परीक्षा अवधि 15 मिनट बढ़ाई जाएगी ताकि उपस्थिति पत्रक पर हस्ताक्षर जैसी औपचारिकताओं के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
उन्होंने कहा, “पहले परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक थी, अब यह 5:15 बजे तक चलेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार राज्यों से परिवहन व्यवस्था को लेकर बात करेगी ताकि छात्रों को कम से कम परेशानी हो। धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि सभी उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे।