नई दिल्ली, भारत: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंगलवार को कहा कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने परीक्षा रद्द करने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि छात्रों के हित में निष्पक्ष तरीके से दोबारा परीक्षा कराई जाएगी और इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

राष्ट्रीय राजधानी में मीडिया से बातचीत करते हुए अभिषेक सिंह ने कहा, “हमने मामला सीबीआई को सौंप दिया है। सभी आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा जाएगा ताकि छात्रों के भविष्य पर कोई असर न पड़े। हम छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करेंगे और यह पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से होगी।”

री-एग्जाम में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा

अभिषेक सिंह ने कहा कि छात्रों से री-एग्जाम के लिए कोई नया शुल्क नहीं लिया जाएगा और पहले परीक्षा के लिए जमा की गई फीस भी वापस की जाएगी। अभिषेक सिंह ने बताया, “हमने फैसला किया है कि री-एग्जाम के लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी और पहली परीक्षा में ली गई फीस भी रिफंड की जाएगी।”

उन्होंने परीक्षा रद्द होने की पूरी प्रक्रिया बताते हुए कहा कि 7 मई की रात एजेंसी को एक व्हिसलब्लोअर से सूचना मिली थी। उन्होंने कहा, “हमें जानकारी मिली कि परीक्षा से पहले एक व्यक्ति को व्हाट्सऐप पर कुछ सवाल भेजे गए थे, जो असली परीक्षा के सवालों से मेल खाते थे।”

जांच में पता चला कुछ सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खाते थे

NTA प्रमुख के अनुसार, एजेंसी ने यह जांच शुरू की कि कथित लीक पीडीएफ परीक्षा से पहले उपलब्ध थी या नहीं। जांच में पाया गया कि कुछ सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खाते थे और 1 तथा 2 मई को यह पीडीएफ कुछ लोगों के मोबाइल फोन में मौजूद थी। अभिषेक सिंह ने कहा कि यह NTA की “जीरो टॉलरेंस पॉलिसी” के खिलाफ था और इससे मेहनत कर रहे छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता था। इसी कारण परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।

3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया

इस बीच, केंद्र सरकार ने 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया है और कहा है कि परीक्षा नई तारीखों पर दोबारा कराई जाएगी। सरकार ने पूरे मामले की व्यापक जांच के लिए इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया है। NTA ने स्पष्ट किया कि मई 2026 परीक्षा चक्र के लिए छात्रों का पंजीकरण डेटा, उम्मीदवार विवरण और चुने गए परीक्षा केंद्र दोबारा परीक्षा में भी मान्य रहेंगे। छात्रों को दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

गौरतलब है कि NEET-UG देशभर में एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य मेडिकल स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली सबसे बड़ी परीक्षा है। 3 मई को यह परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5,400 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें करीब 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे।