नई दिल्ली, भारत: सरकारी मितव्ययिता उपायों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंताओं के बीच मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार लाल निशान में खुले। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख का असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स 377.52 अंक यानी 0.50 प्रतिशत गिरकर 75,637.76 अंक पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 50 शुरुआती कारोबार में 93.25 अंक यानी 0.39 प्रतिशत टूटकर 23,722.60 अंक पर पहुंच गया।

सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी आईटी सबसे ज्यादा कमजोर रहा और 1.67 प्रतिशत गिरकर 28,838.85 अंक पर आ गया। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 25/50 और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में भी 0.46 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी पीएसयू बैंक 0.38 प्रतिशत और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.18 प्रतिशत नीचे रहे। वहीं निफ्टी एफएमसीजी और हेल्थकेयर में मामूली गिरावट देखी गई।

निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.61 प्रतिशत चढ़ा

दूसरी ओर, सरकार द्वारा घरेलू तेल और गैस उत्पादन पर रॉयल्टी शुल्क में कटौती के बाद निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.61 प्रतिशत चढ़ा। निफ्टी मेटल 0.58 प्रतिशत बढ़कर 13,001.35 अंक पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी रियल्टी में भी 0.23 प्रतिशत की तेजी रही। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री की मितव्ययिता अपील का असर उन सेक्टर्स पर पड़ा है, जहां खपत घटने की आशंका है।

उन्होंने कहा, “ज्वेलरी, ट्रैवल और होटल सेक्टर के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। यदि कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आती है और मितव्ययिता पैकेज अप्रासंगिक हो जाता है, तो ये सेक्टर फिर मजबूती से वापसी कर सकते हैं। इसलिए पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति और क्रूड कीमतों पर नजर रखना जरूरी है।”

फार्मास्युटिकल्स, एफएमसीजी जैसे सेक्टर ज्यादा प्रभावित नहीं

वीके विजयकुमार ने कहा कि फार्मास्युटिकल्स और एफएमसीजी जैसे सेक्टर मितव्ययिता उपायों से ज्यादा प्रभावित नहीं होंगे। उन्होंने पूंजीगत वस्तु (कैपिटल गुड्स) सेक्टर में भी अच्छे अवसर दिखाई देने की बात कही। बजाज ब्रोकिंग के अनुसार, निफ्टी 23,800-24,400 के पिछले तीन सप्ताह के दायरे के निचले स्तर से नीचे खुल सकता है। ब्रोकरेज ने कहा कि 23,800 के ऊपर टिके रहने पर बाजार में स्थिरता बनी रह सकती है, जबकि नीचे रहने पर कमजोरी जारी रह सकती है।

कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.69 प्रतिशत बढ़कर 104.93 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि कच्चा तेल 0.82 प्रतिशत चढ़कर 98.88 डॉलर पर कारोबार करता दिखा। वहीं सोने की कीमतों में 0.20 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 4,726.27 डॉलर पर आ गया।