नई दिल्ली, भारत: भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी मुद्रा बहिर्वाह को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेशी मुद्रा बचाने की अपील और वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स से मिले कमजोर वैश्विक संकेतों ने भी घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ाया। कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 950.16 अंक यानी 1.23 प्रतिशत गिरकर 76,378.03 अंक पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 50 भी 275.90 अंक यानी 1.14 प्रतिशत टूटकर 23,900.25 अंक पर कारोबार करता दिखा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रविवार को विदेशी मुद्रा भंडार बचाने की अपील के बाद ज्वेलरी सेक्टर में भारी बिकवाली देखने को मिली। प्रधानमंत्री ने लोगों से गैर-जरूरी विदेश यात्राओं, विदेशी छुट्टियों और डेस्टिनेशन वेडिंग से बचने तथा घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील की थी। इसके साथ ही उन्होंने विदेशी मुद्रा पर दबाव कम करने के लिए एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने का आग्रह किया।

प्रमुख ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई

पीएम मोदी की अपील के बाद प्रमुख ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। Senco Gold Limited का शेयर 8.98 प्रतिशत गिरकर 332.60 रुपये पर पहुंच गया। Titan Company Limited के शेयर में 5.34 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 4,268.10 रुपये पर कारोबार करता दिखा। वहीं, Kalyan Jewellers India Limited के शेयर 7.43 प्रतिशत टूटकर 393 रुपये पर पहुंच गए, जबकि PC Jeweller Limited में 3.89 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

"विदेशी मुद्रा बचाने के उपाय अपनाने की बात कही"

बैंकिंग और बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा ने कहा, “भारत की स्थिति अलग है। प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक कार्यक्रम में ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों की चुनौतियों का जिक्र करते हुए ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने के उपाय अपनाने की बात कही। भारतीय बाजार कमजोर शुरुआत की ओर इशारा कर रहे हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इस सप्ताह बढ़ोतरी की आशंका है क्योंकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का नुकसान हर महीने 30,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।”

उन्होंने वैश्विक हालात पर कहा, “बाजार फिलहाल एआई और बिग टेक की तेजी पर फोकस कर रहे हैं और अमेरिका-ईरान तनाव के दोबारा बढ़ने के खतरे को नजरअंदाज कर रहे हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम खत्म होने तक युद्ध खत्म नहीं माना जाएगा।”

कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंता बनी हुई है

सुजन हाजरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंता बनी हुई है। भारतीय बाजार बढ़त के साथ बंद हुए, जहां मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेजी जारी रही। ऑटो और आईटी सेक्टर ने बाजार को सहारा दिया, जबकि बैंकिंग और मेटल सेक्टर पर दबाव बना रहा।

उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत बनी हुई है। पीएमआई गतिविधियों में सुधार और घरेलू मांग मजबूत है, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, लॉजिस्टिक्स में बाधाएं और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव महंगाई की चिंताओं को बढ़ा रहा है।