नई दिल्ली, भारत: वैश्विक ऊर्जा कीमतों में सोमवार को तेज उछाल देखा गया, जब Islamic Revolutionary Guard Corps ने युद्धविराम शर्तों के पालन में अमरीका की विफलता का हवाला देते हुए Strait of Hormuz को बंद करने की घोषणा की। सोमवार सुबह ब्रेंट क्रूड 4.72% बढ़कर 94.65 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 5.51% चढ़कर 88.47 डॉलर पर पहुंच गया।
इस अस्थिरता का असर अमरीकी शेयर बाजार पर भी दिखा, जहां डॉव जोन्स फ्यूचर्स शुरुआती कारोबार में 367.44 अंक (0.74%) गिर गया। वहीं, सोने की कीमतों में हल्की नरमी आई और यह 4,807.93 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225 614.10 अंक (1.05%) बढ़कर 59,090 पर पहुंच गया।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य शुक्रवार शाम से बंद है
दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.32% चढ़ा, जबकि ताइवान वेटेड इंडेक्स में 413.85 अंकों की बढ़त दर्ज हुई। हांगकांग का हैंग सेंग 0.61% बढ़ा और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.52% ऊपर रहा। हालांकि, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 0.06% गिर गया। इससे पहले शुक्रवार को, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने घोषणा की थी कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य उसी शाम से बंद रहेगा।
Oil jumps, stocks wobble as Mideast ceasefire hangs in the balance https://t.co/jxf1036evT https://t.co/jxf1036evT
— Reuters (@Reuters) April 20, 2026
आईआरजीसी के बयान में दी गई चेतावनी
आईआरजीसी ने बयान में कहा कि "युद्धविराम शर्तों के उल्लंघन के कारण अमेरिकी दुश्मन ने ईरानी जहाजों और बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई है।" बयान में आगे चेतावनी दी गई कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर में कोई भी जहाज अपनी जगह से न हिले, अन्यथा उसे निशाना बनाया जा सकता है। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अमेरिका को "ब्लैकमेल" नहीं कर सकता।