नई दिल्ली: आईसीआईसीआई बैंक ग्लोबल मार्केट्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में घरेलू सोने की कीमतें 2026 के बाकी महीनों में 1.5 लाख रुपये से 1.8 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रह सकती हैं। वहीं 2027 में यह कीमत बढ़कर 1.6 लाख रुपये से 1.9 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने का अनुमान है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में अब तक घरेलू सोने की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है। इसकी मुख्य वजह रुपये में करीब 7 प्रतिशत की गिरावट, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की ऊंची कीमतें और हाल ही में कस्टम ड्यूटी में हुई बढ़ोतरी का सीधा असर है।

2 से 3 प्रतिशत तक की अतिरिक्त तेजी हो सकती है

रिपोर्ट में कहा गया कि 13 मई 2026 से सोने पर कस्टम ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने के बाद बाजार में अभी भी 2 से 3 प्रतिशत तक की अतिरिक्त तेजी देखने को मिल सकती है।

आईसीआईसीआई बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के बाकी समय के लिए अनुमान 96 रुपये प्रति डॉलर के औसत USD/INR स्तर और अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 4700 डॉलर प्रति औंस सोने की कीमत पर आधारित है। वहीं 2027 के लिए 96.50 रुपये प्रति डॉलर के औसत विनिमय दर को आधार माना गया है।

2027 में कीमतों का रुख अपेक्षाकृत स्थिर रह सकता है

हालांकि रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) सख्त मौद्रिक नीति अपनाती है और वैश्विक सोने की कीमतों में अनुमान से कम तेजी रहती है, तो 2027 में कीमतों का रुख अपेक्षाकृत स्थिर रह सकता है।

भारत में अप्रैल 2026 के दौरान सोने के आयात मूल्य में सालाना आधार पर 81 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि ऊंची कीमतों के कारण वास्तविक आयात मात्रा घटकर मार्च और अप्रैल में करीब 30 टन रह गई, जबकि 2025 में मासिक औसत 50 टन था।

गोल्ड ETF में निवेश का प्रवाह भी धीमा पड़ा है

रिपोर्ट में एएमएफआई (AMFI) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि गोल्ड ETF में निवेश का प्रवाह भी धीमा पड़ा है। मार्च और अप्रैल में औसतन 26.5 अरब रुपये का निवेश हुआ, जबकि जनवरी में यह 240.5 अरब रुपये और फरवरी में 52.5 अरब रुपये था। वैश्विक स्तर पर 2026 में अब तक सोने की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत की तेजी आई है, जबकि 2025 में इसमें 65 प्रतिशत की बड़ी रैली देखी गई थी।