अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पुरुष क्रिकेट के वैश्विक टूर्नामेंटों के स्वरूप में बड़े बदलावों की घोषणा की है। नए फॉर्मेट के तहत वनडे वर्ल्ड कप और टी20 वर्ल्ड कप दोनों में रोमांच बढ़ाने के लिए नई संरचना लागू की जाएगी। इन प्रस्तावों को आईसीसी की चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमेटी की सिफारिशों के बाद वार्षिक सम्मेलन में मंजूरी मिली है। हालांकि अंतिम वित्तीय और व्यावसायिक अनुमोदन नवंबर में होने वाली बैठक के बाद मिलेगा।
आईसीसी का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य टूर्नामेंट के हर चरण को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना, कमजोर टीमों को बेहतर अवसर देना और दर्शकों के लिए रोमांच को अंतिम मैच तक बनाए रखना है।
वनडे वर्ल्ड कप में पहली बार तीन चरणों का फॉर्मेट
14 टीमों वाला वनडे वर्ल्ड कप अब पारंपरिक लीग फॉर्मेट की बजाय तीन अलग-अलग चरणों में खेला जाएगा।
पहले चरण को 'सुपर सीरीज' नाम दिया गया है। इसमें रैंकिंग में सबसे नीचे मौजूद तीन टीमें आपस में भिड़ेंगी और केवल एक टीम अगले दौर में प्रवेश करेगी।
इसके बाद दूसरे चरण में कुल 12 टीमें दो समूहों में विभाजित होंगी। प्रत्येक ग्रुप में छह-छह टीमें होंगी। दोनों ग्रुप की शीर्ष तीन टीमें अगले चरण के लिए क्वालीफाई करेंगी।
'सुपर 7' से तय होगा सेमीफाइनल का रास्ता
नए फॉर्मेट में तीसरा चरण 'सुपर 7' होगा, जिसमें सात टीमें राउंड-रॉबिन मुकाबले खेलेंगी। इस चरण के अंत में अंक तालिका में शीर्ष चार स्थान पर रहने वाली टीमें सीधे सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
आईसीसी का मानना है कि इससे शुरुआती मुकाबलों की अहमियत बढ़ेगी और हर मैच का असर अंतिम नतीजों पर दिखाई देगा।
टी20 वर्ल्ड कप में भी बड़ा बदलाव
आईसीसी ने 20 टीमों वाले टी20 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट में भी अहम बदलाव किए हैं।
पहले दौर में अब चार-चार टीमों के पांच ग्रुप बनाए जाएंगे। प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें अगले दौर में पहुंचेंगी।
दूसरे चरण में 'सुपर 10' फॉर्मेट लागू होगा, जहां दस टीमें दो ग्रुप में विभाजित होंगी और प्रत्येक ग्रुप में पांच टीमें शामिल रहेंगी।
एलिमिनेटर से बढ़ेगा रोमांच
टी20 वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में सबसे बड़ा बदलाव एलिमिनेटर मुकाबलों के रूप में देखने को मिलेगा।
सुपर 10 के दोनों ग्रुप की शीर्ष टीम सीधे सेमीफाइनल में पहुंचेगी। वहीं दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमें क्रॉस-ओवर एलिमिनेटर मैच खेलेंगी। इन मुकाबलों के विजेता बाकी दो सेमीफाइनल स्थान हासिल करेंगे।
इस व्यवस्था से सुपर 10 के आखिरी लीग मैच भी बेहद महत्वपूर्ण हो जाएंगे और आखिरी क्षण तक क्वालीफिकेशन की जंग जारी रहेगी।
एसोसिएट देशों को मिलेगा बड़ा मौका
आईसीसी का मानना है कि नए फॉर्मेट से स्कॉटलैंड, नीदरलैंड, नामीबिया, यूएसए जैसी उभरती क्रिकेट टीमों को अधिक प्रतिस्पर्धी मैच खेलने का अवसर मिलेगा।
साथ ही 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए नया क्वालीफिकेशन सिस्टम भी तैयार किया गया है। विभिन्न महाद्वीपीय क्वालीफायर से सफल टीमों को ग्लोबल क्वालीफायर में मौका मिलेगा, जहां से सर्वश्रेष्ठ टीमें मुख्य टूर्नामेंट में प्रवेश करेंगी।
दर्शकों और खिलाड़ियों दोनों को होगा फायदा
आईसीसी के अनुसार नए फॉर्मेट से हर चरण में मुकाबले अधिक महत्वपूर्ण बनेंगे। इससे खिलाड़ियों पर प्रदर्शन का दबाव बढ़ेगा और दर्शकों को भी अधिक रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए बदलाव क्रिकेट को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ-साथ छोटे क्रिकेट देशों को भी विश्व स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का बेहतर मंच देंगे।
यदि अंतिम मंजूरी नवंबर में मिल जाती है, तो आने वाले वर्षों के आईसीसी टूर्नामेंट पूरी तरह नए अंदाज में खेले जाएंगे और विश्व क्रिकेट में एक नए दौर की शुरुआत होगी।
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