नई दिल्ली: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया) दी जाएगी, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साकेत स्थित अस्पताल पहुंचकर घायलों और उनके परिवारों से मुलाकात की तथा अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि घायलों के इलाज का पूरा समन्वय किया जाएगा ताकि उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
#WATCH | Delhi CM Rekha Gupta met injured victims of the Malviya Nagar fire tragedy in Max Hospital, Saket, todayDelhi govt to give Rs 10 lakh to kin of deceased; Rs 5 lakh to seriously injured persons.(Video source: CMO) pic.twitter.com/6YBLJ40sO1
— ANI (@ANI) June 4, 2026
दिल्ली पुलिस ने जांच के लिए 10 टीमें की गठित
जांच के दौरान शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि आग लगने के समय होटल की छत की ओर जाने वाला निकास मार्ग बंद था, जिससे लोगों के बाहर निकलने में कठिनाई हुई। मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने 10 विशेष टीमें गठित की हैं। इनमें से पांच टीमें फरार होटल मैनेजर जय मिश्रा की तलाश में जुटी हैं। पूछताछ में होटल मालिक लोवकेश बजाज ने बताया कि वह Lemon Green, Micasa और Flourish Stay नामक तीन होटल संपत्तियों से जुड़े हैं। जांच एजेंसियां हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की पड़ताल कर रही हैं।
Hon’ble Chief Minister Smt. Rekha Gupta visited Max Hospital, Saket, to meet those injured in the tragic fire incident.She interacted with the injured and their family members, reviewed the ongoing treatment with the attending doctors, and directed officials to extend all…
— CMO Delhi (@CMODelhi) June 4, 2026
12 विदेशियों में से 09 की जानकारी मंत्रालय को भेजी गई
हादसे में कई विदेशी नागरिकों की भी मौत हुई है। पुलिस ने 12 विदेशी मृतकों में से 9 की पहचान कर उनकी जानकारी विदेश मंत्रालय को भेज दी है ताकि पार्थिव शरीरों को उनके देशों तक पहुंचाया जा सके। प्रारंभिक जांच में अधिकांश मौतों का कारण धुएं के कारण दम घुटना माना जा रहा है, हालांकि अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही होगी।
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