नई दिल्ली: श्रद्धा वॉकर हत्याकांड मामले में साकेत कोर्ट ने आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के वकील की सीट के पास बैठने को लेकर शिकायतकर्ता के वकील की आपत्ति खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि भारत में हर आरोपी को निर्दोष माने जाने की धारणा के तहत निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार है।
अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों की रिकॉर्डिंग के दौरान शिकायतकर्ता के वकील सीमा समृद्धि कुशवाहा ने आपत्ति जताई थी कि आरोपी आफताब वकील की मेज के पास बैठा है। अदालत ने इस आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार स्पष्ट किया है कि किसी आरोपी को अदालत कक्ष में उचित स्थान पर बैठने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
आफताब अपने वकील के ठीक पीछे बैठ सकेगा
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी ने कहा कि अदालत की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने और संचार में सुविधा के लिए आफताब अमीन पूनावाला को उसकी वकील मेघा सरोआ के ठीक पीछे बैठने की अनुमति दी गई है।
अदालत ने कहा कि अपराध कितना भी गंभीर या जघन्य क्यों न हो, आरोपी के अधिकारों को खत्म नहीं किया जा सकता। आरोपी के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जा सकता जिसमें घृणा या बदले की भावना झलके।
Delhi court rejects plea objecting to Shraddha Walkar murder accused seating during trial@aarnobs ✍🏻 https://t.co/4CQEdncKxp
— Hindustan Times (@htTweets) July 23, 2026
'हर आरोपी को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार'
अदालत ने कहा कि आपराधिक न्याय व्यवस्था में निर्दोष माने जाने की धारणा और निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार महत्वपूर्ण हैं। निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार में वकील तक पहुंच और अपनी पसंद के कानूनी प्रतिनिधि से बचाव कराने का अधिकार भी शामिल है।
अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 22(1) और दंड प्रक्रिया से जुड़े कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि कई बार आरोपी को अपने वकील से संवाद करने के लिए उसके पर्याप्त करीब बैठना जरूरी हो सकता है।
27 जुलाई को होगी आगे की सुनवाई
साकेत कोर्ट ने मामले में आगे की जांच और जिरह के लिए 27 जुलाई की तारीख तय की है। वहीं, 23 जुलाई को जांच अधिकारी राम सिंह की गवाही दर्ज की जाएगी। दिल्ली पुलिस ने 2025 के इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों के तहत विदेश में मौजूद गवाहों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही दर्ज करने की अनुमति मांगी है।
इन गवाहों में व्हाट्सऐप और मेटा प्लेटफॉर्म इंक के नोडल अधिकारी एड्रियन सिल्वेरा, गूगल एलएलसी की नोडल अधिकारी शेल्बी स्मिथ, गूगल (जीमेल) की नोडल अधिकारी आरती शेठ और बंबल के नोडल अधिकारी ल्यूक मित्सी शामिल हैं। ये सभी गवाह भारत से बाहर स्थित हैं। आरोपी के वकील के अनुरोध पर अदालत ने इस आवेदन पर जवाब दाखिल करने के लिए दो दिन का समय दिया है। इस आवेदन पर 24 जुलाई को सुनवाई होगी। साकेत कोर्ट इस मामले में अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों की रोजाना आधार पर रिकॉर्डिंग कर रही है।
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