नई दिल्ली: दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुर के म्यूजिक टीचर और संगीतकार चोंगथाम विक्रम सिंह की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या के बाद राजधानी में विरोध प्रदर्शन हुआ है। घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है। पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।
विक्रम सिंह कई वर्षों से दिल्ली में रह रहे थे और इलाके में संगीत की शिक्षा देते थे। बताया गया है कि वह अपनी पत्नी जोशना चोंगथम और बेटे याइफ़ाबा चोंगथम के साथ फ्लैट में रहते थे। घटना के बाद पूर्वोत्तर समुदाय के लोगों में नाराजगी देखी गई है।
शोर को लेकर शुरू हुआ विवाद
घटना रविवार रात करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ता बी. रुचिदा शर्मा के मुताबिक, विक्रम सिंह अपने फ्लैट से कचरा फेंकने के लिए नीचे आए थे। उनके घर के बाहर आसपास के दो ढाबों में काम करने वाले कुछ लोग कथित तौर पर शोर कर रहे थे।
विक्रम सिंह ने शोर कम करने के लिए कहा, जिसके बाद उनके और वहां मौजूद लोगों के बीच बहस हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद जब वह वापस अपने घर की ओर जाने लगे तो कुछ लोगों ने उनका पीछा किया।
बताया गया है कि हमलावर उनका पीछा करते हुए तीसरी मंजिल तक पहुंचे और कॉरिडोर में उन्हें घेर लिया। वहां उनके साथ लात-घूंसों से मारपीट किए जाने का आरोप है। हमले में गंभीर रूप से घायल विक्रम सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के पीछे के पूरे विवाद तथा हमले में शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
सात आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग भी हिरासत में
पुलिस ने मामले में भरत कुमार (19), प्रमोद (26), रमजान खान (22), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32), विजय (36) और मन्नू (26) को गिरफ्तार किया है। एक किशोर को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी अलग-अलग ढाबों में काम करते हैं। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
दिल्ली में नॉर्थ-ईस्ट समुदाय का प्रदर्शन
घटना के विरोध में पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़े लोगों ने दिल्ली में प्रदर्शन किया। नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स सोसाइटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी (NESSDU) ने भी विक्रम सिंह की मौत की निंदा की है।
संगठन ने उन्हें सम्मानित मणिपुरी संगीतकार बताते हुए मामले की तेजी से जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना ने दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर समुदाय की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
राहुल गांधी ने उठाया सुरक्षा का सवाल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि विक्रम सिंह घर के बाहर हो रहे शोर को कम करने के लिए लोगों से बात करने गए थे और इसी विवाद के बाद उनकी हत्या कर दी गई।
राहुल गांधी ने दिल्ली में रहने वाले नॉर्थ-ईस्ट के लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भी घटना से जुड़ा CCTV फुटेज साझा करते हुए मामले की जांच की मांग की है।
Deeply saddened by the tragic passing of renowned Manipuri guitarist and Western music pioneer, Shri Chongtham Vikram Singh, and deeply concerned by the incident in which he was allegedly assaulted near his residence in southeast Delhi. Shri Vikram Singh’s invaluable… pic.twitter.com/MH49Pcdh8A
— N. Biren Singh (@NBirenSingh) September 7, 2026
मणिपुर के रॉक म्यूजिक में भी थी पहचान
चोंगथाम विक्रम सिंह केवल संगीत शिक्षक ही नहीं थे, बल्कि मणिपुर के रॉक संगीत के शुरुआती दौर से जुड़े कलाकारों में भी उनका नाम बताया जाता है।
उन्होंने अपने संगीत करियर की शुरुआत Ultra Vires बैंड के लीड गिटारिस्ट के तौर पर की थी। इसके बाद वह 1980 के दशक की शुरुआत में चर्चित मणिपुरी रॉक बैंड Phoenix से जुड़े। बाद में उन्होंने स्थानीय बैंड Eastern Dark के साथ भी काम किया।
अब उनकी मौत के बाद एक तरफ पुलिस जांच आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर समुदाय उनकी सुरक्षा और न्याय को लेकर आवाज उठा रहा है। मामले में पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होगा कि विवाद किस तरह हिंसा में बदला और हमले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की क्या भूमिका थी।
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