हरियाणा: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जा रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, फसल खरीद के तहत अब तक 12 लाख किसानों के बैंक खातों में 1 लाख 86 हजार करोड़ रुपये की राशि सीधे भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
सैनी ने यह भी बताया कि पिछले 12 वर्षों में फसल खराबे से प्रभावित किसानों को 16 हजार 160 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। सरकार का कहना है कि प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से फसल को हुए नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय और उनके हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां सभी 24 फसलों की खरीद एमएसपी पर की जा रही है। फसल खरीद पर अब तक 12 लाख किसानों के खातों में 1 लाख 86 हजार करोड़ रुपये सीधे भिजवाए जा चुके हैं। पिछले 12 वर्षों में फसल खराबे पर किसानों को 16 हजार 160 करोड़ रुपये की राशि दी गई है।- श्री…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 7, 2026
गेहूं और धान की फसलों की खरीद बड़े पैमाने पर होती है
हरियाणा में किसानों को MSP का लाभ देने के दावे के बीच केंद्र सरकार के आंकड़े भी बताते हैं कि राज्य में गेहूं और धान जैसी प्रमुख फसलों की सरकारी खरीद बड़े पैमाने पर होती रही है। PIB के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2021-22 रबी सीजन में हरियाणा से 84.93 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी, जिसका MSP मूल्य करीब ₹16,774 करोड़ था और इससे 7.60 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए थे।
केंद्र सरकार ने कई फसलों को MSP पर खरीद की दी मंजूरी
वहीं, केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में हरियाणा में रबी 2025-26 सीजन के लिए 3.73 लाख मीट्रिक टन से अधिक चना और सरसों की MSP पर खरीद को मंजूरी दी। इसमें करीब 13,082 मीट्रिक टन चना और 3,60,528 मीट्रिक टन सरसों शामिल है। इन दोनों फसलों की स्वीकृत MSP खरीद का कुल मूल्य ₹2,312 करोड़ से अधिक है।
केंद्र की MSP नीति के तहत सरकार देशभर में निर्धारित फसलों के लिए MSP तय करती है और 2018-19 से MSP को उत्पादन लागत के अखिल भारतीय भारित औसत से कम से कम 50 प्रतिशत अधिक रखने का सिद्धांत अपनाया गया है। PIB के अनुसार, 2024-25 में देशभर में MSP वाली फसलों की कुल सरकारी खरीद 1,223 लाख मीट्रिक टन रही और इसका कुल MSP मूल्य करीब ₹3.47 लाख करोड़ था।
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