नई दिल्ली, भारत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम एशिया संकट के बीच देश को मजबूत बनाने के लिए नागरिकों से साझेदारी की अपील के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि इन अपीलों का उद्देश्य “वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करना” है।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित अंतर-मंत्रालयी बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव सी सेंथिल राजन ने प्रधानमंत्री की अपीलों के पीछे की मंशा स्पष्ट की। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में अपने संबोधन के दौरान अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण पैदा हुई वैश्विक आर्थिक बाधाओं, सप्लाई चेन संकट और बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए सामूहिक भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कठिन समय में जिम्मेदारी से जीवन जीने और देश के प्रति कर्तव्यों का पालन करने पर जोर दिया। इसका उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।”
#WATCH | Delhi: Joint Secretary, Ministry of Information & Broadcasting, Senthil Rajan says, "We should look at the spirit in which the Prime Minister has made this appeal. The Prime Minister, in his speech in Hyderabad, has called for collective participation to help India face… pic.twitter.com/SxLtZkHdrl
— ANI (@ANI) May 11, 2026
"देश में किसी प्रकार की कमी नहीं है"
राजन ने यह भी कहा कि देश में किसी प्रकार की कमी नहीं है और सरकार के पास पर्याप्त भंडार मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने और गैर-जरूरी खरीदारी टालने जैसी अपीलें अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए रणनीतिक कदम हैं। उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है कि किसी चीज की कमी है। पर्याप्त स्टॉक और संसाधन उपलब्ध हैं। सभी मंत्रालयों ने जरूरी व्यवस्थाएं की हैं और इसकी जानकारी रोजाना जनता को दी जा रही है। प्रधानमंत्री ने केवल यह अपील की है कि उपलब्ध संसाधनों का जिम्मेदारी और दक्षता के साथ उपयोग किया जाए।”
"प्रधानमंत्री की अपील का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है"
संयुक्त सचिव ने दोहराया कि प्रधानमंत्री ने नागरिकों से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए गैर-जरूरी विदेश यात्राओं, विदेशी छुट्टियों और विदेश में शादियों से बचने की अपील की है। साथ ही उन्होंने घरेलू पर्यटन और भारत में ही समारोह आयोजित करने को बढ़ावा देने की बात कही। राजन ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक वर्ष तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी टालने का आग्रह भी किया है, ताकि विदेशी मुद्रा पर दबाव कम हो सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की हर अपील का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर उपयोग और आर्थिक प्रभाव को कम करना है।
घबराने या पैनिक बाइंग की कोई जरूरत नहीं- संयुक्त सचिव
संयुक्त सचिव राजन ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि घबराने या पैनिक बाइंग की कोई जरूरत नहीं है। सरकार ने सभी जरूरी कदम उठाए हैं और संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, “जनता को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार हर स्थिति पर नजर रखे हुए है और सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री की अपील का उद्देश्य हर नागरिक को इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाना है, ताकि आर्थिक अनिश्चितताओं का असर कम किया जा सके।”
रविवार को सिकंदराबाद में संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से सात प्रमुख अपीलें की थीं। उन्होंने आयात पर निर्भरता कम करने और जिम्मेदार उपभोग की आदतें अपनाने पर जोर दिया।