जयपुर, राजस्थान: राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) NEET UG-2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच कर रही है। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि 410 सवालों वाले एक विशेषGuess Paperकी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसमें किसी तरह की नकल या आपराधिक गतिविधि हुई है या नहीं।

आरोप है कि इस ‘Guess Paper’ के लगभग 120 सवाल वास्तविक परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन में पूछे गए सवालों से मेल खाते थे। बंसल ने कहा कि यह दस्तावेज परीक्षा से 15 दिन से लेकर एक महीने पहले तक छात्रों के बीच प्रसारित हो रहा था। फिलहाल एजेंसियां इस मामले में किसी भी आपराधिक गतिविधि की जांच कर रही हैं।

"NEET परीक्षा को लेकर कई गलतफहमियां फैल रही हैं"

विशाल बंसल ने कहा, “NEET परीक्षा को लेकर कई तरह की गलतफहमियां फैल रही हैं। एक खास बिंदु स्पष्ट करना चाहता हूं कि 410 सवालों वाला एक ‘Guess Paper’ सामने आया है। आरोप है कि इनमें से लगभग 120 सवाल केमिस्ट्री सेक्शन में पूछे गए। यह ‘Guess Paper’ परीक्षा से काफी पहले छात्रों तक पहुंच चुका था।” उन्होंने आगे कहा, “हमारी जांच फिलहाल इस बात पर केंद्रित है कि इस ‘Guess Paper’ के आधार पर किसी तरह की नकल या आपराधिक गतिविधि हुई या नहीं। अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।”

NTA ने सोशल मीडिया पर जारी किया बयान

इस बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने भी NEET UG-2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर बयान जारी किया है। यह बयान राजस्थान SOG की कार्रवाई के बाद सामने आया। NTA ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि 3 मई को हुई परीक्षा सभी केंद्रों पर “पूर्ण सुरक्षा प्रोटोकॉल” के तहत आयोजित की गई थी।

प्रश्नपत्र जीपीएस ट्रैकिंग वाले वाहनों के जरिए भेजे गए

एजेंसी के अनुसार, प्रश्नपत्र जीपीएस ट्रैकिंग वाले वाहनों के जरिए भेजे गए थे, जिन पर यूनिक और ट्रैसेबल वॉटरमार्क लगे थे। परीक्षा केंद्रों पर AI आधारित सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और 5जी जैमर जैसी व्यवस्थाएं लागू थीं। NTA ने बताया कि उसे 7 मई को कथित गड़बड़ियों से जुड़ी सूचनाएं मिली थीं। इसके बाद 8 मई की सुबह इन जानकारियों को जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिया गया।

एजेंसी ने कहा कि जांच अभी जारी है और तथ्य सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। NTA ने कहा, “हम जांच के नतीजों को लेकर पहले से कोई निष्कर्ष नहीं निकालेंगे। जांच एजेंसियां जो भी तथ्य सामने लाएंगी, उनके आधार पर पारदर्शी तरीके से आगे की कार्रवाई की जाएगी।”