नई दिल्ली, भारत: शिक्षा मंत्रालय NIPUN Bharat Mission (नेशनल इनिशिएटिव फॉर प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमेरसी) को कक्षा 5 तक विस्तार देने की योजना बना रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जुलाई 2021 में शुरू किया गया यह मिशन 2026-27 तक कक्षा 3 के सभी बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (FLN) हासिल कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इसका लक्ष्य 3 से 9 वर्ष के बच्चों में पढ़ने, लिखने और गणितीय क्षमता विकसित करना है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमारे पास NIPUN भारत मिशन को कक्षा 5 तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। PARAKH Rashtriya Sarvekshan 2024 के परिणामों में साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता लगभग 60 प्रतिशत रही है। इसलिए हम उन बच्चों तक भी पहुंच बनाना चाहते हैं जो शुरुआती कक्षाओं में यह कौशल हासिल नहीं कर पाए।”
Education Ministry Plans: PM SHRI in West Bengal, Kerala, TN; NIPUN Bharat till Class 5; mental health policyWhile the Samagra Shikha undergoes reform, the ministry of education has extended its existing guidelines for 6 months. Read more: https://t.co/4SkVCHU7m0 pic.twitter.com/wO3mAzHNOh
— Careers360 (@careers360) May 7, 2026
कक्षा 3 के छात्रों में भाषा में दक्षता 18 प्रतिशत बढ़ी
यह मिशन ऐसा वातावरण तैयार करने पर केंद्रित है, जिससे हर बच्चा कक्षा 3 तक पढ़ने, लिखने और गणित में निर्धारित दक्षता हासिल कर सके। PARAKH Rashtriya Sarvekshan 2024 के अनुसार, कक्षा 3 के छात्रों में भाषा में दक्षता 18 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि गणित में 23 प्रतिशत अधिक छात्र दक्ष पाए गए हैं, जो National Achievement Survey 2021 2021 की तुलना में बेहतर है।
2024 में 57 प्रतिशत छात्र भाषा में और 65 प्रतिशत छात्र गणित में दक्ष
आइटम रिस्पॉन्स थ्योरी (IRT) स्कोर के मुताबिक, 2024 में 57 प्रतिशत छात्र भाषा में और 65 प्रतिशत छात्र गणित में दक्ष या उससे अधिक स्तर पर पहुंचे हैं। वहीं 2021 के सर्वे में यह आंकड़े क्रमशः 39 प्रतिशत और 42 प्रतिशत थे। 2017 के National Achievement Survey 2017 के मुकाबले भी यह सुधार महत्वपूर्ण है, जहां भाषा में 47 प्रतिशत और गणित में 53 प्रतिशत दक्षता दर्ज की गई थी। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि बुनियादी स्तर पर कोविड-19 के कारण हुई सीखने की कमी की काफी हद तक भरपाई हो चुकी है।