तिरुवनंतपुरम, केरल: कांग्रेस के विधायक-निर्वाचित चांडी ओमन ने गुरुवार को कहा कि केरल में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर पार्टी नेतृत्व सही समय पर सही फैसला करेगा। यह फैसला कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक में नव-निर्वाचित विधायकों से चर्चा के बाद लिया जाएगा।
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) कार्यालय में आयोजित CLP बैठक में शामिल होने के बाद मीडिया से बात करते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के पुत्र चांडी ओमन ने सार्वजनिक रूप से किसी नाम पर टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि उन्होंने अपनी राय पार्टी नेतृत्व को दे दी है। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी बात पार्टी नेतृत्व को बता दी है। मैं सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहना चाहता। मेरा नेतृत्व सही समय पर निर्णय लेगा।”
#WATCH | Thiruvananthapuram, Keralam | Chandy Oommen, Congress MLA-elect from Puthuppally Assembly constituency, attends the CLP meetingHe says, "I have said to the party leadership. I don't want to comment in public. My leadership will decide at the right time." pic.twitter.com/DrCpbspjRC
— ANI (@ANI) May 7, 2026
कांग्रेस में CLP नेता चुनने की एक तय प्रक्रिया है- चांडी ओमन
चांडी ओमन ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में CPI(M) के के. एम. राधाकृष्णन को 52,000 से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में CLP नेता चुनने की एक तय प्रक्रिया (SOP) है। उन्होंने कहा कि हम केरल की जनता द्वारा चुने गए विधायक हैं। हमने अपनी राय दे दी है और उसके आधार पर पार्टी सही निर्णय लेगी।
यह बैठक इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि United Democratic Front (UDF) ने केरल विधानसभा चुनाव में निर्णायक जीत हासिल की है और अब सरकार गठन व नेतृत्व चयन पर चर्चा जारी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और AICC पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक भी बैठक में शामिल हुए। अजय माकन ने कहा कि वे विधायकों की राय जानने के लिए केरल आए हैं।
रिपोर्ट के आधार पर पार्टी नेतृत्व अंतिम फैसला लेगा
इस दौरान केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी डी सतीशन, के सुरेश और दीपा दासमुंशी ने भी पर्यवेक्षकों से मुलाकात की। के. सुरेश ने कहा कि पर्यवेक्षकों की नियुक्ति चुनाव के बाद की सामान्य प्रक्रिया है और उनकी रिपोर्ट के आधार पर पार्टी नेतृत्व अंतिम फैसला लेगा।
कांग्रेस-नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) ने 140 सदस्यीय केरल विधानसभा में 102 सीटें जीतकर वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के 10 साल पुराने शासन को समाप्त कर दिया। कांग्रेस 63 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि उसकी सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने 22 सीटें जीतीं।