दुबई, यूएई: वेस्ट एशिया में हालिया संघर्ष के दौरान सैन्य भूमिका से इनकार करने वाले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने कथित तौर पर ईरान पर गुप्त हमले किए थे। द वॉल स्ट्रीट जर्नल (डब्ल्यूएसजे) की रिपोर्ट में मामले से परिचित लोगों के हवाले से यह दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, यूएई ने अप्रैल की शुरुआत में फारस की खाड़ी स्थित ईरान के लावन द्वीप पर मौजूद एक रिफाइनरी पर हमला किया था।
यह हमला उसी समय हुआ था जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामिक गणराज्य ईरान के खिलाफ पांच सप्ताह लंबे सैन्य अभियान के बाद युद्धविराम की घोषणा की थी। डब्ल्यूएसजे के मुताबिक, इस हमले के बाद रिफाइनरी में भीषण आग लग गई और कई महीनों तक उसकी परिचालन क्षमता प्रभावित रही।
यूएई ने पब्लिकली इन हमलों की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की
ईरान ने उस समय इस घटना को “दुश्मन का हमला” बताया था और जवाबी कार्रवाई में यूएई तथा कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि यूएई ने सार्वजनिक रूप से इन हमलों की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है, लेकिन उसके विदेश मंत्रालय ने पहले दिए गए बयानों का हवाला देते हुए कहा कि देश को शत्रुतापूर्ण गतिविधियों का जवाब देने का अधिकार है, जिसमें सैन्य प्रतिक्रिया भी शामिल है।
The UAE has secretly entered the war against Iran — WSJThe Wall Street Journal reports that the United Arab Emirates carried out covert strikes on Iran despite officially declaring neutrality.According to the outlet’s sources, one of the targets was an oil refinery on Iran’s… pic.twitter.com/Qsmm7ljJoD
— NEXTA (@nexta_tv) May 12, 2026
व्हाइट हाउस ने भी यूएई की कथित भूमिका पर सीधे जवाब नहीं दिया
पेंटागन ने इन आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जबकि व्हाइट हाउस ने भी यूएई की कथित भूमिका पर सीधे जवाब नहीं दिया। हालांकि, व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास “हर विकल्प मौजूद” है और अमेरिका ईरान पर “अधिकतम दबाव” बनाए हुए है।
संघर्ष की शुरुआत में खाड़ी देशों ने कहा था कि वे अपने हवाई क्षेत्र या सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए नहीं होने देंगे। लेकिन जैसे-जैसे संघर्ष बढ़ा, ईरान ने खाड़ी देशों के आबादी वाले इलाकों, एयरपोर्ट और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
UAE’S COVERT STRIKES ON IRANThe UAE secretly launched military strikes on Iran during the recent conflict, including an April attack on an oil refinery on Lavan Island that caused a major fire and months-long disruption, according to sources.Iran later retaliated with missile…
— *Walter Bloomberg (@DeItaone) May 11, 2026
हमलों का असर यूएई के एविएशन समेत कई सेक्टर पर पड़ा
रिपोर्ट के अनुसार, यूएई, ईरान की जवाबी कार्रवाई का प्रमुख निशाना बना और संघर्ष के दौरान उस पर 2,800 से अधिक मिसाइल और ड्रोन दागे गए। इन हमलों का असर यूएई के एविएशन, पर्यटन और रियल एस्टेट सेक्टर पर भी पड़ा, जिससे छंटनी और कर्मचारियों को अस्थायी छुट्टी पर भेजने जैसी स्थितियां पैदा हुईं।
यूएई ने ईरान के खिलाफ कूटनीतिक कदमों का समर्थन किया
डब्ल्यूएसजे ने ओपन-सोर्स रिसर्चर्स के हवाले से दावा किया कि कुछ तस्वीरों में फ्रांस निर्मित मिराज लड़ाकू विमान और चीन के विंग लूंग ड्रोन ईरानी क्षेत्र के भीतर सक्रिय दिखाई दिए, जिनका इस्तेमाल यूएई करता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि यूएई ने ईरान के खिलाफ कूटनीतिक और आर्थिक कदमों का भी समर्थन किया, जिनमें होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और दुबई में ईरान से जुड़े संस्थानों की पहुंच सीमित करने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।