हैदराबाद, तेलंगाना: भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साई भागीरथ से जुड़े कथित पॉक्सो मामले को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा। केटी रामा राव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बीजेपी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान पर तंज कसा।
उन्होंने लिखा, “असल नारा था ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, लेकिन अब नया नारा है ‘बेटा भगाओ, बेटा बचाओ’। बीजेपी और कांग्रेस दोनों को बधाई।” उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, “क्या देश के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी केंद्रीय मंत्री का बेटा फरार है? #BetiBachao #POCSO”।
केटी रामा राव ने आरोप लगाया कि मामले की जांच के दौरान आरोपी के गायब होने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की नैतिक जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए। यह विवाद केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साई भागीरथ के खिलाफ दर्ज कथित पॉक्सो मामले को लेकर सामने आया है। इस बीच, बंदी साई भागीरथ ने शनिवार को तेलंगाना के करीमनगर में पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए दावा किया कि उन्हें हनी ट्रैप और जबरन वसूली की साजिश का निशाना बनाया गया।
VIDEO | Hyderabad: Telangana BRS demands a thorough probe into the POCSO case against Union Minister Bandi Sanjay Kumar’s son and assures support to the victim.(Full video available on https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/qp7LoL7P74
— Press Trust of India (@PTI_News) May 11, 2026
केंद्रीय मंत्री के पीआरओ द्वारा जारी बयान के अनुसार, “एक महिला ने अपनी बेटी का इस्तेमाल कर बंदी संजय कुमार के बेटे को हनी ट्रैप में फंसाने की कोशिश की। इसके बाद कथित तौर पर बड़ी रकम मांगते हुए ब्लैकमेल किया गया।” बयान में यह भी आरोप लगाया गया कि महिला अपनी बेटी की उम्र को गलत तरीके से पेश कर मामले को पॉक्सो केस का रूप देने की कोशिश कर रही है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केटी रामा राव ने कहा कि पीड़िता के साथ “अन्याय” हो रहा है। उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या ‘बेटी बचाओ’ सिर्फ एक नारा बनकर रह गया है। उन्होंने मांग की कि बंदी संजय कुमार को इस्तीफा देना चाहिए या उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में देरी क्यों हुई और क्या कानून के तहत कोई विशेष छूट दी गई थी।