बेंगलुरु, कर्नाटक: कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले के निर्धारित रूट पर दो जिलेटिन स्टिक मिलने के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “एक व्यक्ति ने फोन कर सूचना दी थी कि उस स्थान पर बम रखा गया है। उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। रूट पर मिले सभी सामान, जिनमें जिलेटिन स्टिक भी शामिल हैं, उसकी जांच की जा रही है।”
जी परमेश्वर ने बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी मामले की जांच की अनुमति मांगी है। उन्होंने कहा, “हम उन्हें भी जांच करने की अनुमति देंगे।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में राज्य और केंद्र दोनों एजेंसियां उच्चस्तरीय सुरक्षा मुहैया कराती हैं। “राज्य सरकार को निर्देश मिले थे और उसी के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जिलेटिन स्टिक सुबह 9 बजे, कार्यक्रम से करीब दो घंटे पहले बरामद किए गए। यह सुरक्षा एजेंसियों का अच्छा काम है।”
#WATCH | Bengaluru | On PM convoy route breach case, Karnataka Home Minister G Parameshwara says, "An investigation is going on. They (Police) had found some gelatin sticks. Once the investigation in complete, we will know more. One person (a person who made the call to… pic.twitter.com/siCC1yqEW7
— ANI (@ANI) May 12, 2026
“अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, जांच पूरी होने दीजिए”
आतंकी एंगल पर पूछे गए सवाल पर जी परमेश्वर ने कहा, “अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने दीजिए।” इस बीच, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम भी मामले की जांच के लिए बेंगलुरु पहुंच रही है। एनआईए स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर जांच में सहयोग करेगी।
अधिकारियों के अनुसार, रविवार सुबह बेंगलुरु के बाहरी इलाके में थाथागुनी-काग्गलीपुरा के पास नाइस रोड जंक्शन के करीब एक संदिग्ध पैकेट मिला था, जिसमें दो जिलेटिन स्टिक थीं। यह स्थान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले के निर्धारित रूट से करीब एक किलोमीटर दूर था।
सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची
पुलिस के अनुसार, एंटी-सबोटाज जांच के दौरान इलाके में तैनात एक पुलिस कांस्टेबल को सड़क से करीब 25 फीट दूर एक कंपाउंड वॉल के पास यह पैकेट मिला। सूचना मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची और दोनों जिलेटिन स्टिक बरामद कर इलाके को सुरक्षित कर दिया गया। फिलहाल मामले में जांच जारी है और संदिग्धों की तलाश के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं।