मुंबई, महाराष्ट्र: वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम (To Lam) गुरुवार को मुंबई पहुंचे, जहां उनका महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गर्मजोशी से स्वागत किया। फडणवीस ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया और बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संदेश साझा करते हुए महाराष्ट्र की ओर से उनका अभिनंदन किया। उन्होंने राष्ट्रपति के सफल और सुखद प्रवास की कामना भी की। इस दौरान राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और मंत्री जयकुमार रावल भी मौजूद रहे।
मुंबई दौरे के दौरान राष्ट्रपति तो लाम मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात करेंगे और भारत-वियतनाम के बीच आर्थिक व व्यावसायिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित एक बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा वह राज्यपाल से भी चर्चा करेंगे। इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति तो लाम का राष्ट्रपति भवन में स्वागत किया और उनके सम्मान में भोज का आयोजन किया।
🇮🇳🇻🇳Chào mừng đến với Mumbai! Warm greetings and welcome to H.E. Mr. To Lam, President of Vietnam as he arrives in Mumbai today!Maharashtra welcomes you!Wishing Hon President To Lam a memorable stay and a pleasant visit!Hon Governor Jishnu Dev Varma ji and Minister… pic.twitter.com/hNNZLj1yfN
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) May 7, 2026
राष्ट्रपति तो लाम ने भारत यात्रा की शुरुआत बोधगया से की
आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत-वियतनाम संबंधों को “Enhanced Comprehensive Strategic Partnership” तक ले जाना दोनों देशों के सहयोग को नई दिशा देगा और क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देगा। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति तो लाम का पद संभालने के एक महीने के भीतर भारत दौरा करना दोनों देशों के रिश्तों को प्राथमिकता देने का संकेत है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रपति तो लाम ने अपनी भारत यात्रा की शुरुआत बोधगया से की, जो दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को दर्शाता है।
भारत-वियतनाम के संबंध आपसी सहयोग को दर्शाते हैं
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच व्यापार, तकनीक, पर्यटन, कृषि, मत्स्य पालन, महत्वपूर्ण खनिज (critical minerals), दुर्लभ पृथ्वी तत्व (rare earths) और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 25 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भी तय किया है, जो भारत और वियतनाम के बीच बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है।