कराची, पाकिस्तान: 3 करोड़ से अधिक आबादी वाले घनी आबादी के शहर कराची में भीषण जल संकट उत्पन्न हो गया है। पिछले छह दिनों से कई इलाकों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे भीषण गर्मी के बीच लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। यह जानकारी The Express Tribune (TET) की रिपोर्ट में दी गई है।
यह संकट 27 अप्रैल को धाबेजी पंपिंग स्टेशनपर बड़े पैमाने पर बिजली गुल होने के बाद शुरू हुआ, जिससे पानी की तीन मुख्य पाइपलाइन फट गईं। लाइन नंबर 5 की मरम्मत पूरी कर ली गई है, लेकिन लाइन नंबर 1 और 2 की मरम्मत छह दिन बाद भी जारी है।
Karachi water crisis worsens 🚱 Supply disrupted for days due to faults at Dhabeji Pumping Station. Restoration may take another 3–4 days.#Karachi #WaterCrisis #Pakistan #DailyEveningNews pic.twitter.com/SnGQPVFX46
— Daily Evening news (@d_evening_news) May 2, 2026
पूरे शहर में पानी की भारी कमी
इस कारण शहर के कई इलाकों—कोरंगी, लांधी, गुलिस्तान-ए-जौहर, गुलशन-ए-इकबाल, लियाकताबाद, PIB कॉलोनी, नाजिमाबाद, मलीर, शाह फैसल कॉलोनी और चनेसार गोठ में पानी की सप्लाई बंद है। कराची जल एवं स्वच्छता निगम (KWSC) ने बताया कि खराबी और मरम्मत कार्य के चलते धाबेजी संयंत्र के सात पंपिंग स्टेशन फिलहाल बंद हैं, जिससे पूरे शहर में पानी की भारी कमी हो गई है।
RESIDENTS of the country’s second city are bracing for a dry weekend, as the metro fights to fix a major leak on a key water pipeline which has seriously affected services. https://t.co/EmbGYtNvSo pic.twitter.com/9UOA8EyspJ
— @DailyNewsZim (@DailyNewsZim) May 2, 2026
पानी की आपूर्ति बहाल होने की संभावना- KWSC
KWSC के अनुसार, मरम्मत कार्य जारी है और रविवार से पानी की आपूर्ति बहाल होने की संभावना है। हालांकि, अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि पूरी तरह सामान्य सप्लाई बहाल होने में मरम्मत पूरी होने के 24 घंटे बाद तक का समय लग सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 3 से 4 दिनों तक जल आपूर्ति में बाधा बनी रह सकती है, जिससे पहले से जूझ रहे नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ेंगी।
इससे पहले, पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसान इकबाल ने देश के बढ़ते जल संकट से निपटने के लिए एक व्यापक और बहुआयामी राष्ट्रीय रणनीति पेश की। उन्होंने कहा कि जल संकट केवल पानी की कमी नहीं, बल्कि लगातार हो रहे कुप्रबंधन से भी जुड़ा है।